दारुल उलूम देवबंद का नया आदेश जारी, छात्रों के मोबाइल चलाए जाने पर सख्ती

0
दारुल उलूम देवबंद का नया आदेश जारी, छात्रों के मोबाइल चलाए जाने पर सख्ती


Last Updated:

Saharanpur News: इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद में अब मोबाइल चलाए जाने पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया गया है. संस्थान प्रशासन ने इस संबंध में नया आदेश जारी कर कैंपस में चस्पा कर दिया है.

Zoom

दारुल उलूम देवबंद

सहारनपुर: दुनियाभर में चर्चित इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद में स्मार्टफोन और मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर एक बार फिर सख्त पाबंदी लागू कर दी गई है. संस्थान प्रशासन ने इस संबंध में नया आदेश जारी कर कैंपस में चस्पा कर दिया है, जिसमें सभी छात्रों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

जारी आदेश के अनुसार, हॉस्टल में किसी भी छात्र के पास मोबाइल फोन पाए जाने पर उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. यहां तक कि तलाशी के दौरान फोन मिलने पर संबंधित छात्र का नामांकन रद्द करने तक का प्रावधान रखा गया है. यह नियम नए और पुराने सभी छात्रों पर समान रूप से लागू होगा.

मोबाइल की खुराफातों से रहें दूर
इस आदेश पर देवबंदी उलेमा कारी इसहाक गोरा ने बताया कि संस्थान ने पिछले साल भी ऐसे ही आदेश जारी किए थे. दारुल उलूम का मुख्य उद्देश्य यह है कि यहां तालीम हासिल करने वाले ‘तलबा’ (छात्र) अपना पूरा समय और ध्यान सिर्फ किताबों में लगाएं और मोबाइल की खुराफातों से दूर रहें. कारी इसहाक ने स्पष्ट किया कि हर मदरसे, मस्जिद या कॉलेज का अपना एक अलग निजाम (नियम-कानून) होता है, जिसे दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर ऐसे आदेश जारी किए जाते हैं.

पढ़ाई में बन रही बाधा
प्रबंधन का कहना है कि स्मार्टफोन और मल्टीमीडिया मोबाइल का अत्यधिक उपयोग छात्रों की पढ़ाई में बाधा बन रहा है और उनका ध्यान भटका रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है, ताकि शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाया जा सके और छात्र अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह केंद्रित रह सकें.

अनुशासन तोड़ने वालों पर सख्त कदम
संस्थान प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिसर में अनुशासन और शैक्षणिक एकाग्रता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है. नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी छात्र के साथ सख्ती से निपटा जाएगा और किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. गौरतलब है कि इससे पहले भी पिछले वर्ष संस्थान में इस तरह की पाबंदी लागू की गई थी. एक बार फिर नियमों को दोहराते हुए प्रशासन ने संकेत दिया है कि इस बार पालन सुनिश्चित कराने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे.

About the Author

authorimg

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *