नोएडा हिंसा के मास्टरमाइंड का क्या है सच? भाई ने खोला राज, बोला- वो बस इतना…
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नोएडा हिंसा के आरोपी के परिवार ने अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने का आग्रह किया है. रूपेश राय और मनीषा चौहान सहित दो अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है. इसके अतिरिक्त, पुलिस हिंसा में शामिल बाहरी कारकों की भी जांच कर रही है.
आदित्य आनंद नोएडा प्रदर्शन का मुख्य आरोपित
नोएडाः उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन की चल रही जांच के बीच, मुख्य आरोपी आदित्य आनंद के परिवार ने उसका बचाव करते हुए दावा किया है कि हिंसा भड़काने में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वे केवल मजदूरों के अधिकारों की वकालत कर रहा था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबित आदित्य को 18 अप्रैल को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से नोएडा पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था. उस पर दंगा, आपराधिक साजिश और आपराधिक धमकी सहित कई गंभीर आरोप हैं. जांचकर्ताओं के अनुसार, आनंद ने हजारों मजदूरों को संगठित करने के लिए एन्क्रिप्टेड व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर उस भीड़ को भड़काया, जिससे नोएडा में औद्योगिक गतिविधियां बाधित हुईं.
‘वो किसी को भी तकलीफ में नहीं देख सकता’
हालांकि आदित्य के भाई आकाश आनंद ने बताया कि वह एक ऐसा आदमी है, जो किसी को भी तकलीफ में नहीं देख सकता. आकाश ने बताया कि परिवार को पता था कि आदित्य वंचित बच्चों को पढ़ाने के लिए स्वेच्छा से काम करता था. लेकिन उसे वामपंथी संगठन मजदूर बिगुल के साथ उसकी गहरी भागीदारी के बारे में जानकारी नहीं थी. आकाश ने कहा, “वह केवल मजदूरों के लिए उचित वेतन की मांग कर रहा था.”
परिवार ने बताया कि हालांकि वे जानते थे कि आदित्य को समाज सेवा में रुचि थी, लेकिन उन्हें उसकी संलिप्तता की व्यापकता का अंदाजा नहीं था.
पुलिस का आदित्य पर गंभीर आरोप
भाई ने बताया, “जब वह अपने काम के बारे में बात करता था, तो वह हमें बस इतना ही बताता था कि वह नोएडा के वंचित बच्चों को पढ़ाना चाहता है. हमें उसकी गिरफ्तारी (तमिलनाडु में) के बारे में तब पता चला जब मेरी मां को उसके दोस्तों का फोन आया.” दूसरी ओर, पुलिस का आरोप है कि आदित्य ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से श्रमिकों को संगठित करके और हिंसक प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके तनाव बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
नोएडा हिंसा का मास्टरमाइंड है आदित्य
वेतन वृद्धि और पड़ोसी राज्यों के बराबर वेतन की मांग से शुरू हुए ये प्रदर्शन झड़पों, आगजनी और बड़े पैमाने पर व्यवधान में तब्दील हो गए, जिसके बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की. सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया और हिंसा के संबंध में कई एफआईआर दर्ज की गईं. अधिकारियों ने आदित्य को अशांति का “मास्टरमाइंड” बताया है और आरोप लगाया है कि उसने श्रमिकों को भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के प्रयासों का समन्वय किया. कई राज्यों में चलाए गए तलाशी अभियान के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के लिए वापस लाया गया.
पुलिस किस-किसके खिलाफ कर रही है जांच
पुलिस साजिश की सीमा की जांच जारी रखे हुए है. वहीं आरोपी के परिवार ने अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने का आग्रह किया है. रूपेश राय और मनीषा चौहान सहित दो अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है. इसके अतिरिक्त, पुलिस बाहरी कारकों की भी जांच कर रही है, जिनमें पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल शामिल हैं, जिन पर अशांति के दौरान गलत सूचना फैलाने का आरोप है.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें