शरीर के साथ दिमाग भी हो रहा ओवरहीट, ऑफिस में क्यों बिगड़ रहा माहौल? एक्सपर्ट से जाने

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शरीर के साथ दिमाग भी हो रहा ओवरहीट, ऑफिस में क्यों बिगड़ रहा माहौल? एक्सपर्ट से जाने


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मनोविशेषज्ञों के मुताबिक, जब तापमान ज्यादा होता है तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है. इस दौरान शरीर में कॉर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है. यही हार्मोन इंसान को ज्यादा रिएक्टिव और चिड़चिड़ा बनाता है.कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक  मेडिकल कॉलेज मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ धनंजय चौधरी ने बताया कि तेज गर्मी में दिमाग की सहनशक्ति कम हो जाती है. ऐसे में व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर भी ओवररिएक्ट करने लगता है और कई बार व्यवहार आक्रामक हो जाता है.

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कानपुर: जैसे ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचता है, असर सिर्फ शरीर पर नहीं बल्कि दिमाग और व्यवहार पर भी साफ दिखने लगता है. इन दिनों कानपुर के कई ऑफिसों में एक नई समस्या सामने आ रही है, लोग जल्दी गुस्सा हो रहे हैं. छोटी-छोटी बातों पर बहस बढ़ रही है और माहौल तनावपूर्ण बनता जा रहा है. एक्सपर्ट्स इसे समर एंगर यानी गर्मी से बढ़ने वाली चिड़चिड़ाहट बता रहे हैं.

गर्मी और गुस्से का कनेक्शन

मनोविशेषज्ञों के मुताबिक, जब तापमान ज्यादा होता है तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है. इस दौरान शरीर में कॉर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है. यही हार्मोन इंसान को ज्यादा रिएक्टिव और चिड़चिड़ा बनाता है. कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक  मेडिकल कॉलेज मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ धनंजय चौधरी ने बताया कि तेज गर्मी में दिमाग की सहनशक्ति कम हो जाती है. ऐसे में व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर भी ओवररिएक्ट करने लगता है और कई बार व्यवहार आक्रामक हो जाता है.

ऑफिस में क्यों बिगड़ रहा माहौल

गर्मी का सबसे ज्यादा असर ऑफिस कल्चर पर देखने को मिल रहा है. बाहर का तापमान, ट्रैफिक की थकान और काम का दबाव—ये तीनों मिलकर कर्मचारियों के मूड को खराब कर देते हैं.कई मामलों में देखा गया है कि मीटिंग के दौरान बहस जल्दी बढ़ जाती है, सहकर्मियों के बीच तालमेल बिगड़ने लगता है और टीमवर्क प्रभावित होता है. जिन ऑफिसों में कूलिंग सिस्टम सही नहीं है, वहां समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है.विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्मी में नींद भी पूरी नहीं हो पाती, जिससे दिमाग और ज्यादा थका हुआ रहता है. यही वजह है कि लोग जल्दी चिड़चिड़े हो जाते हैं और उनकी सहनशीलता कम हो जाती है.

शरीर के साथ दिमाग भी हो रहा ओवरहीट

गर्मी में शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है, यानी पानी की कमी होने लगती है. इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है. रिसर्च के मुताबिक, डिहाइड्रेशन से ध्यान लगाने की क्षमता घटती है और इंसान जल्दी गुस्सा करता है.इसके अलावा, ज्यादा कैफीन (चाय-कॉफी) लेने से भी हार्ट रेट बढ़ता है और बेचैनी बढ़ती है, जो गुस्से को और ट्रिगर कर सकती है. डॉक्टरों की सलाह है कि इस मौसम में अपने व्यवहार को संतुलित रखने के लिए कुछ आसान आदतें अपनानी चाहिए. दिनभर में पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि कैफीन कम लें और ज्यादा से ज्यादा ठंडी चीजें जैसे नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें.ऑफिस में अगर संभव हो तो थोड़ी-थोड़ी देर में ब्रेक लें, गहरी सांस लें और खुद को रिलैक्स करें.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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