पूर्वांचल से हरिद्वार जाना होगा आसान, गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार ने पकड़ी रफ्तार
Ganga Expressway Extension to Haridwar: उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ अब केवल मेरठ तक ही सीमित नहीं रहेगी. मेरठ से प्रयागराज तक का सफर आसान करने के बाद, अब योगी सरकार इस एक्सप्रेसवे को सीधे बाबा भोले की नगरी हरिद्वार तक ले जाने की तैयारी में जुट गई है. इस विस्तार योजना ने अब जमीन पर रफ्तार पकड़ ली है. प्रशासन ने गांवों के नक्शे स्कैन करने और जीपीएस ड्रोन के जरिए जमीन चिन्हित करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है. इस कदम से न केवल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि व्यापार और धार्मिक पर्यटन को भी एक नई उड़ान मिलेगी.
अमरोहा के मंगरौला से खुलेगा हरिद्वार का रास्ता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार अमरोहा के मंगरौला स्थित एंट्री प्वाइंट से शुरू होगा. यह रूट अमरोहा और बिजनौर के रास्ते हरिद्वार तक जाएगा. खास बात यह है कि मंगरौला से विस्तार शुरू होने के कारण गंगा नदी पर किसी नए बड़े पुल की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे प्रोजेक्ट की लागत और समय दोनों की बचत होगी. यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरि प्रताप शाही ने इस संबंध में जिला प्रशासन को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं.
146 किलोमीटर लंबा होगा अमरोहा से हरिद्वार तक का नया रूट
बता दें किमेरठ-प्रयागराज एक्सप्रेसवे करीब 594 किलोमीटर लंबा है, जो पहले से ही प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ रहा है. अब इसके विस्तार के तहत अमरोहा से हरिद्वार तक लगभग 146.24 किलोमीटर लंबा नया मार्ग विकसित किया जाएगा. इसमें उत्तर प्रदेश के हिस्से में 116.85 किमी और उत्तराखंड के हिस्से में 29.39 किमी की सड़क बनेगी. फिलहाल जीपीएस ड्रोन के माध्यम से उन जमीनों की मार्किंग की जा रही है जो इस एक्सप्रेसवे की जद में आने वाली हैं.
अमरोहा के 62 गांवों में हलचल, शुरू हुआ ड्रोन सर्वे
वहीं, दूसरी तरफ गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार को लेकर अमरोहा जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद, यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरि प्रताप शाही ने अमरोहा के जिलाधिकारी को 62 गांवों का ‘बंदोबस्ती मानचित्र’ (नक्शा) उपलब्ध कराने का आदेश दिया है. डीएम पुष्कर नाथ चौधरी के अनुसार, नक्शों को स्कैन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे की जद में आने वाली जमीन को चिन्हित करने के लिए जीपीएस ड्रोन की मदद ली जा रही है. इससे काम में पारदर्शिता आएगी और सटीकता के साथ जमीन का अधिग्रहण हो सकेगा.
इन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार अमरोहा की दो प्रमुख तहसीलों, हसनपुर और धनौरा के कई गांवों से होकर गुजरेगा. प्रशासन ने जिन गांवों के नक्शे मंगवाए हैं, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- हसनपुर क्षेत्र: मंगरौला (एंट्री पॉइंट), पाइंदापुर मुस्तकम, पिपलौती खुर्द, रूखालू, सिकरौली, गुलामपुर, भैंसरोली, करनखाल, बाईखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कला, मछरई, याकूबपुर, सेंमला, बसेड़ा खुर्द, अब्दीपुर, कटाई और पूठी.
- धनौरा क्षेत्र: अटारी, मुरीदपुर, मीरपुर, बल्दाना, बस्तौरा माफी, जलालपुर कला, मूसापुर, सलेमपुर, यकबगड़ी, बस्तौरा रानी, शेखपुर शुमाली, रायपुर शुमाली, देहरा घनश्याम, हैबतपुर गुंसाई, बिरामपुर, अफजलपुर लूट, मोहम्मदी, हाशमपुर भूड़, कौराला, होशंगपुर गुर्जर, कुआं खेड़ा, भटोला शुमाली, पेली, खंडसाल, रिछोटी, वंशगोपालपुर, डीगरा, जलीलपुर, पारा खालसा, फकराबाद और वलीपुर.
इन गांवों के किसानों और निवासियों के बीच अब एक्सप्रेसवे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि जल्द ही यहां भूमि अधिग्रहण की औपचारिक घोषणा हो सकती है.
कैसा होगा हरिद्वार तक का नया रूट?
प्रस्तावित योजना के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार अमरोहा के मंगरौला स्थित एंट्री पॉइंट से शुरू होगा. यह रूट अमरोहा और बिजनौर जिलों को कवर करते हुए सीधे उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करेगा.
- कुल लंबाई: विस्तार मार्ग की कुल लंबाई लगभग 146.24 किलोमीटर होगी.
- यूपी का हिस्सा: उत्तर प्रदेश (अमरोहा और बिजनौर) में इसकी लंबाई 116.85 किमी रहेगी.
- उत्तराखंड का हिस्सा: उत्तराखंड में यह सड़क 29.39 किमी लंबी होगी.
- गांवों की संख्या: यह रूट अमरोहा के 62 और बिजनौर के करीब 117 गांवों से होकर गुजरेगा.
बिना नए पुल के बनेगा काम, लागत में आएगी कमी
अधिकारियों ने बताया कि पहले मेरठ से हरिद्वार को जोड़ने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब ‘विकल्प-2’ यानी अमरोहा रूट को फाइनल किया गया है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि मंगरौला से हरिद्वार की ओर सड़क बढ़ाने पर गंगा नदी पर नया बड़ा पुल नहीं बनाना पड़ेगा. इससे न सिर्फ प्रोजेक्ट की कुल लागत कम होगी, बल्कि निर्माण कार्य भी उम्मीद से जल्दी पूरा हो सकेगा.
व्यापार और पर्यटन को लगेंगे पंख
अमरोहा की जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि जिला एनसीआर के बेहद करीब है, ऐसे में एक्सप्रेसवे का विस्तार यहां उद्योगों और निवेश के लिए नए दरवाजे खोलेगा. पूर्वांचल (प्रयागराज, वाराणसी) से हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा. अब उन्हें दिल्ली या मेरठ के जाम में फंसे बिना एक सीधा और हाई-स्पीड कॉरिडोर मिलेगा. इतना ही नहीं, स्थानीय किसानों और निवासियों में भी इस विस्तार को लेकर उत्साह है, क्योंकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे विकसित होने की भी प्रबल संभावना है.