काशी का अनोखा मंदिर, जहां भीषण गर्मी में भगवान श्री कृष्ण का होता है चंदन लेप

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काशी का अनोखा मंदिर, जहां भीषण गर्मी में भगवान श्री कृष्ण का होता है चंदन लेप


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वाराणसी में चंदन श्रृंगार वाराणसी और काशी मंदिर परंपरा का विशेष महत्व है, जहां श्रीकृष्ण चंदन लेप के माध्यम से भगवान को गर्मी से राहत दी जाती है. यह परंपरा सनातन गौड़िया मठ में वर्षों से निभाई जा रही है और भगवान की पूजा परंपरा का अहम हिस्सा है.

वाराणसी: ज्येष्ठ महीने में धूप की तपिश बढ़ जाती है. इस महीने में भारत के ज्यादातर जिलो में आसमान से आग बरसती है. भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग अलग अलग प्रयोग करते हैं. प्रचंड गर्मी के बीच धर्म नगरी काशी के मंदिरों में भी गर्मी से बेहाल भगवान को राहत मिले इसके लिए भक्त अलग अलग इंतजाम करते हैं. कहीं कूलर एसी लगाएं जाते हैं, तो कहीं भगवान को शीतलता मिले इसके लिए उन्हें ‘चंदन थैरेपी’ दी जाती है.

वाराणसी के सोनारपुरा इलाके में सनातन गौड़िया मठ है. इस मठ में भगवान श्री कृष्ण के साथ राधा रानी और चैतन्य प्रभु विराजमान हैं. वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से यहां लगातार 21 दिनों तक भगवान श्री कृष्ण को गर्मी से राहत मिले इसके लिए उनका चंदन श्रृंगार किया जाता है. इस दौरान चंदन से उनके शरीर का लेपन होता है और विशेष फूलों से उनका श्रृंगार किया जाता है.

500 साल से चली आ रही परंपरा

मठ के अध्यक्ष गोविंद दास ने बताया कि यह परम्परा करीब 500 सालों से चली आ रही है. पुराने समय में भगवान श्री कृष्ण ने स्वप्न में गर्मी से खुद के शरीर मे जलन की बात कहीं थी. उसके बाद उनके शरीर को शीतलता मिले इसके लिए चंदन श्रृंगार की शुरुआत हुई. यह परम्परा आज भी उसी तरह निरंतर चलती चली आ रही है.

महिलाएं घिसती हैं चंदन

खास बात यह भी है कि भगवान के चंदन थैरेपी के लिए हर दिन महिला भक्त शील पर इसे घिसकर तैयार करती है. इसके लिए कई महिलाएं घण्टो मठ में बैठकर इस काम को रोजाना करती हैं. लोकल-18 से बातचीत में लता अधिकारी ने बताया कि हर रोज शाम को वो मठ में आकर चंदन घिसती हैं. फिर उसी चंदन से भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार होता है. इसके अलावा हर दिन महिलाएं फूलों से भगवान का मुकुट,पायल और अन्य चींजे भी तैयार करती है.

होती है विशेष आरती

श्रृंगार के बाद शाम 7 बजे से भक्तों को भगवान के इस खास स्वरूप के दर्शन होते हैं. रात 8 बजे विशेष आरती की जाती है जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं. चंदन श्रृंगार के दौरान पूरे मंदिर में चंदन की महक होती है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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