लखनऊ-कानपुर समेत इन 6 शहरों के बीच चलेगी RRTS, 90 मिनट में पहुंचेंगे अयोध्या
लखनऊ. नेशनल कैपिटल रीजन की तर्ज पर बन रहे स्टेट कैपिटल रीजन विकास योजना अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है. राजधानी लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई और रायबरेली को मिलाकर बनाये जा रहे स्टेट कैपिटल रीजन के तहत एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है. इस परियोजना के तहत आधुनिक हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को भी विकसित किया जा रहा है. RRTS के जरिए प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर कानपुर से अयोध्या की दूरी महज 90 मिनट में पूरी होगी.
दरअसल, इस नमो भारत कॉरिडोर के तहत कानपुर, उन्नाव, लखनऊ और अयोध्या को सीधे जोड़ा जाएगा. इससे यात्रा का समय बेहद कम हो जाएगा. इस परियोजना की अहम् बात यह है कि इसकी कुल लंबाई लगभग 187 किलोमीटर होगी. इससे कानपुर से अयोध्या के बीच यात्रा महज 90 मिनट में पूरी होगी। नमो भारत कॉरिडोर के तहत स्टेशनों की संख्या 12 होगी. यह कॉरिडोर कानपुर के नयागंज से शुरू होकर उन्नाव, लखनऊ होते हुए रायबरेली के रास्ते अयोध्या पहुंचेगा. इसे दो चरणों में विकसित किया जाएगा. पहले चरण में नयागंज से अमौसी (लगभग 67 किमी) तक काम पूरा किया जाएगा, जबकि बाकी हिस्सा दूसरे चरण में अयोध्या तक जाएगा. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित कीमत 32000 करोड़ रुपए होगी.
ये होंगे 12 स्टेशन
इस कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित 12 स्टेशन हैं- नयागंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुषांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरजंग, भितरिया, अयोध्या
विशेष स्टेशन हब भी बनेंगे
इस कॉरिडोर में 6 स्टेशन हब भी होंगे. जुग्गौर में इंस्टीट्यूशनल डिस्ट्रिक्ट, सुषांत गोल्फ सिटी में प्रीमियम आवासीय क्षेत्र, नयागंज एवं बंथरा में लॉजिस्टिक्स हब, अमौसी में एयरो हब, नवाबगंज एवं अयोध्या में टूरिज्म हब और सफदरजंग में कृषि आधारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा.
रोजगार, व्यापर और पर्यटन को बढ़ावा
यह हाई-स्पीड कॉरिडोर न सिर्फ यात्रा को तेज बनाएगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, उद्योगों, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देगा. लाखों लोगों को काम, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन के लिए रोजाना आवागमन में आसानी होगी. लखनऊ को क्षेत्रीय इंटरचेंज हब के रूप में विकसित किया जाएगा. 14 मई को लखनऊ विकास प्राधिकरण में आयोजित बैठक में AECOM एजेंसी ने इस प्रस्ताव को रखा. LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और स्टेशनों के आसपास के विकास पर भी चर्चा हुई. यह परियोजना पूरी होने के बाद मध्य उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और विकास की तस्वीर बदल देगी.