शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ की हत्या के केस में गलत बंदे को उठा ले गई पुलिस
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले की जांच में जुटी पुलिस गलत शख्स को गिरफ्तार करके लेकर चली गई. हालांकि सीबीआई ने कोर्ट में उसकी जमानत की अर्जी देते हुए कहा कि पुलिस गलत शख्स को उठा ले गई थी. राज सिंह हत्या वाले दिन यूपी में ही था.
शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या मामले में राज सिंह को सीबीआई ने दिलाई जमानत.
बलिया: सीबीआई ने मंगलवार को बारासात अदालत में याचिका दायर कर बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के आरोपी की रिहाई की मांग की. सीबीआई का कहना था कि इस मामले की जांच कर रही राज्य पुलिस टीम ने गलत व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली और बलिया निवासी राज सिंह को रिहा करने का आदेश दिया. राज सिंह को हत्या के पांच दिन बाद 11 मई को पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम ने अयोध्या से गिरफ्तार किया था. बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी.
हत्या वाले दिन यूपी में ही था राज सिंह
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय एजेंसी ने अदालत में बताया कि राज सिंह, जिसे मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य के साथ गिरफ्तार किया गया था. वह हत्या वाले दिन वहां मौजूद नहीं था. राज के परिवार का दावा है कि जब 6 मई को मध्यग्राम में रथ की गोली मारकर हत्या की गई थी, तब राज उत्तर प्रदेश में था. यह घटना बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के दो दिन बाद और अधिकारी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से तीन दिन पहले हुई थी. बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में अच्छी पकड़ रखने वाले इस परिवार ने न्याय की मांग करते हुए राज्य के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया है.
7 मई को एमएलसी की बेटी की शादी में गया था राज सिंह
सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस की खुफिया टीम और STF ने परिवार के दावे को सच पाया. गिरफ्तारी के बाद राज की मां जमवंती सिंह ने पत्रकारों को बताया कि उनका बेटा 7 मई को एमएलसी पप्पू सिंह की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए उनके साथ लखनऊ गया था. वे शादी स्थल के पास एक गेस्ट हाउस में रुके थे. उन्होंने बताया, “राज ने शादी में शिरकत की और आधी रात के करीब गेस्ट हाउस लौट आया. अगली सुबह हम अंबेडकर नगर के लिए रवाना हो गए.”
खाना खाने के बाद निकल रहे राज को गिरफ्तार कर ले गई थी टीम
परिवार ने अंबेडकर नगर स्थित मखदूम अशरफ बाबा के मंदिर में दर्शन किए, जहां उन्होंने चादर चढ़ाई और फिर अयोध्या के लिए निकल गए. उनकी मां ने बताया, “हमने (अयोध्या में) दर्शन किए और बाद में एक जगह खाना खाने के लिए रुके. जब हम वहां से निकल रहे थे तो पुलिस ने हमें रोक लिया और राज को अपने साथ ले गई.” सीबीआई सूत्रों ने बताया कि उन्होंने हत्या के पीछे के “असली गिरोह” पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है.
बलिया से राजकुमार सिंह और वाराणसी से विनय राय हुआ अरेस्ट
एजेंसी ने हाल ही में बलिया से राजकुमार सिंह और वाराणसी से विनय राय उर्फ पंपम को गिरफ्तार किया है. एक वरिष्ठ जांचकर्ता ने कहा, “इस सुपारी किलिंग में कई लोग शामिल हैं. मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है.” अधिकारियों का मानना है कि राजकुमार से पूछताछ से उन्हें उत्तर प्रदेश के हत्यारों और रथ की हत्या का आदेश देने वाले व्यक्ति (व्यक्तियों) के बीच की कड़ी को जोड़ने में मदद मिलेगी.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें