मेरा और मेरी पत्नी की कभी भी हो सकती है हत्या: बाहुबली डीपी यादव
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DP Yadav Life in Danger: बदायूं के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता डीपी यादव ने अपनी और पत्नी उमलेश यादव की जान को खतरा बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर गनरों के नवीनीकरण की मांग की. डीपी यादव ने कहा कि राजनीतिक दुश्मनी के चलते उनके बड़े भाई और बहनोई की हत्या हो चुकी है और उन्हें कभी भी जानलेवा हमले का खतरा है. उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव और वर्तमान कानूनी स्थिति का भी हवाला दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीपी यादव ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारने और कई दलों से गठबंधन की बातचीत चलने का दावा किया.
पूर्व सांसद डीपी यादव ने जताई राजनीतिक हत्या की आशंका.
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धर्मपाल यादव उर्फ डीपी यादव ने अपनी और अपनी पत्नी की जान को खतरा जताया है. बदायूं प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपना दर्द बयां किया. डीपी यादव ने जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखे पत्र के बारे में बताते हुए कहा कि उनके साथ कभी भी कोई अनहोनी या जानलेवा हमला हो सकता है.
‘राजनीतिक दुश्मनी में हो चुकी हैं दो हत्याएं’
जिलाधिकारी बदायूं को भेजे गए पत्र में डीपी यादव ने अपने परिवार के साथ हुई पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए लिखा: – राजनीतिक दुश्मनी के कारण अतीत में उनके बड़े भाई और बहनोई कमलराज जी की निर्मम हत्या की जा चुकी है. उनकी और उनकी पत्नी (पूर्व विधायक श्रीमती उमलेश यादव) के गनरों का रिन्यूअल (नवीनीकरण) काफी समय से अटका हुआ है.
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें और उनकी पत्नी को तुरंत प्रभाव से कम से कम दो-दो (या एक-एक) गनर उपलब्ध कराए जाएं. यहां जानकारी के लिए बता दूं कि एक समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में डीपी यादव का कद इतना बड़ा हो गया था कि लोग इनकी तुलना मुलायम सिंह यादव से करने लगे थे. हालांकि बेटे विकास यादव और खुद के जेल जाने के बाद से इनका राजनीतिक रूप से ढलान शुरू हो गया.
राजनीतिक रिकॉर्ड और कानूनी स्थिति का दिया हवाला
डीपी यादव ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए प्रशासन के सामने अपनी बात रखी-
बाहुबली विधायक 4 बार यूपी से विधायक, लोकसभा और राज्यसभा के सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने पत्र में साफ-साफ स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनके खिलाफ यूपी या देशभर की किसी भी अदालत में कोई भी केस लंबित/चालू नहीं है. गनर न होने की वजह से वे सुरक्षा कारणों से जनता के बीच जाकर अपने राजनीतिक दायित्व नहीं निभा पा रहे हैं.
2027 के विधानसभा चुनाव पर बड़ा ऐलान
सुरक्षा के मुद्दे के साथ-साथ डीपी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अपने पत्ते भी खोले:
डीपी यादव 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे. उन्होंने दावा किया कि चुनाव के सिलसिले में उनकी कई प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है.
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील
अपनी बात का अंत करते हुए डीपी यादव ने कहा कि सुरक्षा समिति के अध्यक्ष होने के नाते जिलाधिकारी को अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर तुरंत गनर तैनात करने चाहिए या इसकी सिफारिश यूपी सरकार के गृह विभाग को भेजनी चाहिए. अब देखना यह होगा कि बदायूं जिला प्रशासन इस पत्र और सुरक्षा की गुहार पर क्या कदम उठाता है.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर (सहयोगी संपादक) पद पर कार्यरत हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक…
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