गर्मी में पशुओं को पानी में मिलाकर पिलाएं यह सफेद चीज, लू से करेगा रक्षा!
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दुधारू पशुओं को पानी पिलाते समय ध्यान रखें कि एक बाल्टी पानी में 20 से 30 ग्राम नमक मिलाना पर्याप्त माना जाता है. अधिक नमक नुकसानदायक भी हो सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही दुधारू पशुओं को नमक देना चाहिए.
दुधारू गाय और भैंसों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है. अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो पशु बीमार भी पड़ सकते हैं और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. गर्मी के मौसम में पशु सामान्य से ज्यादा पानी पीते हैं, लेकिन यदि उन्हें पर्याप्त और साफ पानी नहीं मिल पाता, तो उनके शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है. इसलिए पशुपालकों को चाहिए कि वे दिन में कई बार पशुओं को ठंडा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराएं.

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में इस समय भीषण गर्मी का कहर लगातार जारी है. बढ़ते तापमान के चलते पशुओं में हीट स्ट्रेस की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे उनकी सेहत और दूध उत्पादन दोनों प्रभावित हो रहे हैं. तापमान बढ़ने के कारण पशुओं के शरीर में पानी और जरूरी लवण (नमक) की कमी होने लगती है. इसके चलते पशु सुस्त हो जाते हैं, उनकी भूख कम हो जाती है और दूध देने की क्षमता पर भी सीधा असर पड़ता है.

गाय या भैंस की सेहत और दूध उत्पादन के लिए करीब 13 ग्राम साधारण नमक की जरूरत पड़ती है, इसलिए पशुओं को संतुलित आहार और चारे के साथ सही मात्रा में नमक जरूर खिलाना चाहिए. जानवरों को पानी पिलाते समय आप नमक को पानी में मिलाकर पिला सकते हैं. उसके बाद आप जानवरों को हरे चारे और भूसे में मिलाकर पशु आहार के रूप में दे सकते हैं.
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गर्मी में पशुओं को लू लगने का खतरा अधिक रहता है. नमक मिला पानी पशुओं के शरीर के तापमान संतुलित रखने में मदद करता है और हीट स्ट्रेस की समस्या को कम करता है. अत्यधिक गर्मी में पशु जल्दी थक जाते हैं. नमक वाला पानी शरीर को ऊर्जा देने और कमजोरी दूर करने में सहायक होता है.

ग्रामीण इलाकों में कई पशुपालक पानी में थोड़ा नमक और गुड़ मिलाकर भी पशुओं को पिलाते हैं. इससे पशुओं को ऊर्जा मिलती है और शरीर में मिनरल्स की कमी पूरी होती है. हालांकि इसकी मात्रा संतुलित रखना जरूरी है. वहीं पानी पिलाते समय ध्यान रखें की गेहूं के आटे का चोकर दुधारू पशुओं के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. गर्मियों में पशुओं की देखभाल में थोड़ी-सी लापरवाही बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. यदि पशु बार-बार हांफ रहा हो, खाना छोड़ दे या अत्यधिक सुस्त दिखे तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए.

दुधारू पशुओं को पानी पिलाते समय ध्यान रखें कि एक बाल्टी पानी में 20 से 30 ग्राम नमक मिलाना पर्याप्त माना जाता है. अधिक नमक नुकसानदायक भी हो सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही दुधारू पशुओं को नमक देना चाहिए. सुबह और शाम दोनों समय नमक नहीं पिलाना चाहिए. दिन में एक बार ही नमक मिलाकर पशुओं को पानी पिलाना चाहिए, जिससे दूध उत्पादन में आसानी से वृद्धि हो सकती है.

जब पशु स्वस्थ और हाइड्रेटेड रहते हैं तो दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन भी बेहतर रहता है. पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गर्मियों में नमक मिला पानी देने से पशुओं का शरीर सक्रिय रहता है और दूध उत्पादन में गिरावट कम आती है. भीषण गर्मी में कई बार पशु चारा कम खाने लगते हैं. नमक मिला पानी उनके पाचन तंत्र को सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे भूख बढ़ती है और पशु बेहतर तरीके से चारा खाते हैं.

गर्मियों में पशुओं के शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है. पानी में थोड़ा नमक मिलाने से पशु अधिक पानी पीते हैं, जिससे उनके शरीर में पानी की मात्रा बनी रहती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है. नमक में सोडियम और क्लोराइड जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं. गर्मी में अधिक पसीना निकलने से इन तत्वों की कमी हो जाती है. नमक मिला पानी पशुओं के शरीर में इनकी पूर्ति करता है.