संभल में एक और तीर्थ, नाम- वागभारती जलतीर्थ, कर रखा था कब्जा, अब चले बुलडोजर
Last Updated:
Good News: संभल आए दिन चर्चाओं में रहता है. अब वागभारती नाम का एक तीर्थ भी मिला है. दरअसल, कुछ लोगों ने रास्ते और कुछ जगह पर कब्जा कर रखा था. उसे सीएम योगी के बुलडोजर ने ढहा दिया है. अब फिर से लोग यहां जा सकेंगे. पूजा-पाठ कर सकेंगे.
लोगों की जुबानी वागतीर्थ की कहानी.
संभल: ये बहुत पुरानी वागभारती जलतीर्थ है. हमारे यहां जब भी शादी या कोई धार्मिक कार्यक्रम होता है तो लोग यहां से मिट्टी लेने आते हैं. पूजा में इस्तेमाल होने वाला तेल इसी मिट्टी के चूल्हे पर तैयार किया जाता है. सदियों से लोग यहां आस्था के साथ आते रहे हैं, लेकिन रास्ता और तीर्थ दोनों पर कब्जा था. अब प्रशासन ने हमें यहां तक आने का रास्ता दिलाया है…. ये संभल के एक गांव के लोग कह रहे है.
दरअसल, संभल के कंवलपुर सराय में प्रशासन ने एक और पौराणिक तीर्थ को कब्जामुक्त कराया है. बताया जा रहा है कि यह वागभारती जलतीर्थ है, जिसका उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है. तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए तीर्थ, रास्ते की जमीन और श्मशान की जमीन को खाली कराया. आरोप है कि शातिराना तरीके से रास्ते की जमीन का बैनामा कराकर मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति अनवर ने कब्जा कर रखा था.
कमल बसरा ने कहा, जिस तालाब को खाली कराया जा रहा है, वही वागभारती जलतीर्थ है. बड़े-बुजुर्ग बताते आए हैं कि हर हिंदू यहां पूजा करने आता है. शादी-ब्याह हो या कोई शुभ काम, लोग यहां पूजा करने जरूर आते हैं. मान्यता है कि इस तालाब में स्नान करने से पाप दूर हो जाते हैं.
करीब 60 साल से अधिक उम्र की एक महिला ने भी बताया कि वह पिछले कई दशकों से लोगों को यहां दर्शन के लिए आते देख रही हैं. उनके मुताबिक, करीब 85 साल से लोग यहां आते रहे हैं. शादी-ब्याह में यहां की मिट्टी बेहद अहम मानी जाती है और कई मोहल्लों के लोग यहां पूजा करने पहुंचते हैं.
स्थानीय निवासी योगेंद्र ने बताया, सदियों से लोग यहां आस्था के साथ आते रहे हैं, लेकिन अनवर ने रास्ता और तीर्थ दोनों पर कब्जा था. अब प्रशासन ने हमें यहां तक आने का रास्ता दिलाया है. हम उनके बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं. मगर, कई समय से इनका कब्जा था.
About the Author

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें