लगाकर भूल जाएं फूलों की ये किस्में, जानवर नहीं जाते आसपास, कमाई भी लाखों में
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Marigold Cultivation Benefits : नकदी फसलें हमेशा से किसानों की चहेती रही हैं. इनमें मुनाफा अधिक होता है और पैसे हाथों-हाथ मिल जाते हैं. फूलों की खेती भी नकद फसल है जो इन दिनों पारंपरिक खेती को टक्कर दे रही है.
साल के 12 महीने रहती है इन फूलों की डिमांड
हाइलाइट्स
- प्रमोद वर्मा फूलों की खेती से लाखों कमाते हैं.
- गेंदा और बिजली के फूलों की खेती में लागत कम है.
- जानवर इन फूलों की फसल को नहीं खाते.
बाराबंकी. आज का किसान मार्केट के डिमांड के अनुरूप खेती करने में जुटा है ताकि उसे अपनी फसलों की अच्छी कीमत मिल सके. ऐसे किसानों के लिए फूलों की खेती फायदे का सौदा साबित हो रही है. फूलों का बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा साज-सज्जा के कामों में भी उपयोग होता है. आए दिन होने वाले आयोजनों में डेकोरेशन के लिए आकर्षक रंग के फूलों की भारी डिमांड रहती है. यही वजह है कि किसान फूलों की खेती कर लाखों रुपये कमा रहे हैं.
नकदी फसलें किसानों की हमेशा से फेवरेट रही हैं. बाराबंकी जिले के प्रगतिशील किसान प्रमोद वर्मा बीते 12 साल से गेंदा के फूलों की खेती में जुटे हैं. वो बिजली और गेंदा के फूलों की खेती करके लाखो रुपये की कमाई कर रहे हैं. जनपद बाराबंकी के सफीपुर गांव के रहने वाले प्रगतिशील किसान प्रमोद इन फूलों से एक फसल पर डेढ़ लाख रुपये तक मुनाफा कमा रहे हैं.
लागत कम, लाभ अधिक
लोकल 18 से बातचीत में किसान प्रमोद वर्मा कहते हैं कि फूलों की मांग बाजार में लगातार बनी रहती है, जिससे हमें अच्छी आमदनी होती है. फूलों की खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक लाभदायक है. गेंदा और बिजली जैसे फूल त्योहारों और शादी-विवाह के मौसम में अच्छी कीमत पर बिकते हैं. इन फूलों की खेती में लागत कम है और देखभाल भी आसान है. सबसे खास बात इनकी फसलों को जानवर भी नहीं खाते.
इतने रुपये किलो बिक्री
प्रमोद वर्मा के अनुसार, इस समय हमारे पास करीब 0.3 हेक्टेयर में गेंदा और 0.1 हेक्टेयर में बिजली लगी है. लागत एक बीघे में 30 से 40 हजार रुपये है और मुनाफा एक से डेढ़ लाख रुपये तक हो जाता है. एक बार बीज लगाने के बाद कई महीनों तक फूल मिलते रहते हैं. बाजार में इन फूलों की कीमत मौसम और मांग के अनुसार 50 से 200 रुपये प्रति किलो तक रहती है.
अपनाई ये विधि
इन फूलों की खेती करना काफी आसान है. प्रमोद इसकी खेती मल्च विधि से करते हैं. वे कहते हैं कि पहले हम खेत की गहरी जुताई कर उस पर मेड़ बनाते हैं. फिर इस पर मल्च डालकर गेंदा और बिजली के पौधों की थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रोपाई कर देते हैं. इसकी तुरंत सिंचाई करनी होती है. पौधा लगाने के 60 दिनों बाद फूल निकलना शुरू हो जाते हैं.
Bara Banki,Uttar Pradesh
February 15, 2025, 17:51 IST