AI के दौर में भी कारीगरों की कला का जलवा, ऐसे तैयार होते हैं आगरा के फेमस लेदर

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AI के दौर में भी कारीगरों की कला का जलवा, ऐसे तैयार होते हैं आगरा के फेमस लेदर


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आगरा सिर्फ ताजमहल के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेहतरीन चमड़े के जूतों के लिए भी दुनियाभर में पहचान रखता है. एक जोड़ी जूते को तैयार करने में कई चरणों की बारीक प्रक्रिया और कुशल कारीगरों की मेहनत शामिल होती है, जो इसे खास बनाती है.

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में बनने वाला जूता दुनिया भर पर मशहूर है. इसे बनाने के लिए कुशल कारीगरों का इस्तेमाल किया जाता है. आगरा में कई जूते की फैक्ट्री संचालित है. बड़े पैमाने पर लोग जूता व्यापार पर ही निर्भर है.

यहां बनने वाला चमड़े का जूता देश विदेश तक सप्लाई किया जाता है. फैक्ट्री संचालक ऑर्डर के अनुसार जूते को तैयार करते है.

जूता व्यापारी बताते है कि इसे बनाने के लिए कई चरण शामिल किये जाते है. सबसे पहले जूता बनाने के लिए चमड़े का चयन किया जाता है. उसके बाद मशीनों व हाथों द्वारा चमड़े की कटिंग की जाती है. चमड़े पर सिलाई आदि का कार्य किया जाता है. उन्होंने कहा की कारीगरों द्वारा उसे सांचे पर चढ़ाया जाता है जिसे लास्टिंग कहते है. इसके बाद सोल लगाया जाता है और अंत में जूते पर फाइनल फिनिशिंग की जाती है. इस तरह से जूते का पुरा प्रोसेस होता है.

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आगरा के बड़े जूता व्यापारी राजेश सहगल ने लोकल 18 बताया कि जूता बनाने के लिए एक एक बारीकी का ध्यान रखा जाता है. उन्होंने कहा कि जूता एक ऐसा प्रोडेक्ट होता है जिसे बेहद बारीकीयों से बनाया जाता है क्योंकि यह थोड़ा भी अनफिट हुआ तो पैरो को तकलीफ पंहुचा सकता है.

उन्होंने बताया कि कई बार लोग कहते है कि जूता काट रहा है या परेशान कर रहा है ऐसे में उसका मतलब होता है कि उसकी फिटिंग ढंग से नहीं है और उसे क्वालिटी अच्छे से चैक नहीं की गई है. उन्होंने कहा की कपडे थोड़े छोटे-बड़े चल सकते है लेकिन शूज में ऐसा बिलकुल नहीं चल सकता है. इसलिए इसे स्टेप बाय स्टेप तैयार किया जाता है और हर एक बारीकीयों का ध्यान रखा जाता है.

जूता व्यापारी राजेश सहगल ने बताया कि जूता बनाने के लिए कुशलकारीगरों की कारीगरी इस्तेमाल की जाती है. एक-एक इंच का ध्यान रखा जाता है. यदि थोड़ी से गलती या लापरवाही हुई तो वह जूते कि जोड़ी वेस्ट में जाती है और नुकसान झेलना पड़ता है.

उन्होंने कहा कि कुशल कारीगर स्टेप बाय स्टेप उसे चैक करते है हर स्टेप कि अलग आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में अत्याधुनिक तकनिकी का इस्तेमाल किया जाता है एआई के ज़माने में जूते को बनाने के लिए उसका भी इस्तेमाल कई जगह किया जा रहा है.

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