‘नगर निगम ने बनाया मजाक’, सहारनपुर में 900 साल पुराने इस सरोवर पर क्यों इतना विवाद?

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‘नगर निगम ने बनाया मजाक’, सहारनपुर में 900 साल पुराने इस सरोवर पर क्यों इतना विवाद?


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Saharanpu Sarovar Dispute : सामान्य सा दिखाई देने वाला ये सरोवर कभी हिंदू आस्था का केंद्र था. गोगा म्हाड़ी के पास बना यह तालाब 900 साल से भी ज्यादा पुराना है. अपना अस्तित्व खो चुके इस तालाब का सौंदर्यकरण कराया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सरोवर का लोकार्पण किया था. नगर निगम ने इस तालाब को लोगों के घूमने का फन पॉइंट का रूप दे दिया. गोगा म्हाड़ी सुधार सभा के लोग इसका विरोध कर रहे हैं. गोगा म्हाड़ी सुधार सभा के अध्यक्ष अनिल प्रताप सैनी ने लोकल 18 से कहा कि इतने बड़े तीर्थ स्थल को नगर निगम ने फन पॉइंट बनाकर हिंदुओं की आस्था का मजाक बनाया है.

सहारनपुर. इन दिनों सहारनपुर का एक फन प्वाइंट विवादों में है. सामान्य सा दिखाई देने वाला ये सरोवर कभी हिंदू आस्था का केंद्र था. बताया जाता है कि गोगा म्हाड़ी के पास बना यह तालाब 900 साल से भी अधिक पुराना है. यह अपना अस्तित्व खो चुका था, जिसे दोबारा अस्तित्व में लाया गया और सौंदर्यकरण कराया गया. पिछले साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सरोवर का लोकार्पण किया था. लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब हिंदू धर्म की आस्था से जुड़े लोग यहां पर आकर अपनी पुरानी आस्था को जीवित रख सकेंगे. इस तालाब में आस्था की डुबकी लगाएंगे, लेकिन नगर निगम ने इस तालाब को लोगों के घूमने का फन पॉइंट का रूप दे दिया. नगर निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से इसमें काम कराया. बाद में इसका इस्तेमाल पर्यटकों के घूमने के स्थान के रूप में होने लगा. अब इसका विरोध गोगा म्हाड़ी सुधार सभा के लोग कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस फन प्वाइंट को बदलकर इसका पुराना नाम रखा जाए.

बचाए रखा सनातन धर्म

गोगा म्हाड़ी सुधार सभा के अध्यक्ष अनिल प्रताप सैनी ने लोकल 18 से बताया कि यह तालाब 900 साल से भी ज्यादा पुराना है. इस तालाब में जब कबली भगत मछली पकड़ रहा था, तब गोगा जी महाराज ने उसे नेजा दिया. नेजा देने के बाद उन्होंने कबली भक्त से कहा कि यहां दशमी को मेला भरवाओ और गांव-गांव में नीला झंडा लेकर धर्म का प्रचार करो. उस एक नीले झंडे से 26 छड़ियां तैयार हुईं. उस समय मुगलों का शासन था. मंदिरों को तोड़ दिया जा रहा था. ऐसे में सनातन धर्म को बचाए रखने के लिए ये लोग नीले झंडे लेकर जगह-जगह घूमते थे. इससे धर्म का प्रचार होता था.

‘इनका प्रवेश वर्जित करो’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल सरोवर का उद्घाटन कर पूजापाठ भी किया था. मुख्यमंत्री ने कहा था कि 900 वर्ष पुराना इस सरोवर का इतिहास है. अनिल प्रताप सैनी का कहना है कि ऐसे में इतने बड़े तीर्थ स्थल को नगर निगम ने फन पॉइंट बनाकर हिंदुओं की आस्था का मजाक बनाया है. नगर निगम हिंदुओं की आस्था को खंडित करना चाहता है. हम लोगों की मांग कि इस फन प्वाइंट का नाम बदलकर इसका पुराना नाम गोरक्ष गंगा घाट रखा जाए. यहां गैर सनातनियों का प्रवेश वर्जित किया जाए.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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