आप भी जान लीजिए… कैसे फंसाते हैं साइबर ठग? पूर्व बैंक मैनेजर को बनाया शिकार
Last Updated:
Ghaziabad News: यूपी के गाजियाबाद में साइबर ठगों ने एक पूर्व बैंक मैनेजर को अपने जाल में फंसाकर 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा और फिर धीरे-धीरे कर 2.20 करोड़ रुपए लेकर फरार हो गए. आइए आपको पूरी वारदात के बारे में बताते हैं.
गाजियाबाद में साइबर फ्रॉड (सांकेतिक तस्वीर)
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद में साइबर जालसाजों ने 84 साल के एक पूर्व बैंक प्रबंधक और उनकी पत्नी को 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा और फिर धीरे-धीरे कर 2.20 करोड़ रुपए ठग लिये. वीडियो कॉल पर जालसाज रोजाना अदालत लगाते थे और 4 से 5 घंटे तक पूछताछ का नाटक करते थे. आइए आपको पूरा मामला बताते हैं और जानते हैं कि कैसे ठगों ने पूर्व बैंक मैनेजर को शिकार बनाया.
बता दें कि वैशाली की रामप्रस्थ ग्रींस सोसाइटी निवासी 84 वर्षीय राम प्रकाश हरिया को 22 मई को व्हाट्सऐप कॉल आई थी. कॉल करने वाले ने खुद को दरियागंज से बताते हुए कहा कि साल 2023 में केनरा बैंक के 538 करोड़ रुपये गबन के मामले में उनका नाम आया है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है. फिर यहीं से शुरू हुआ जालसाजों का असली खेल.
डिजिटल अदालत लगाकर रोजाना करते पूछताछ
साइबर ठगों ने फिर एक डिजिटल अदालत लगाई. खुद को पुलिस, ईडी अधिकारी और ‘जज’ बताकर रोजाना चार से आठ घंटे तक पूछताछ की. आरोपियों ने कहा कि बैंक खाते, सोना, मकान और अन्य संपत्तियों की जांच के लिए आपको पूरी रकम सरकारी बैंक खाते में जमा करनी होगी और जांच पूरा होने के बाद आपके सारे पैसे लौटा दिए जाएंगे. आरोपियों ने उन्हें किसी दूसरे से बात करने से भी मना कर दिया.
70 लाख रुपए उधार लेकर किए टांसफर
इसके बाद उन्होंने 84 वर्षीय राम प्रकाश को इतना डराया कि उसने अपनी जीवनभर की पूंजी जालसाजों के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए. पीड़ित ने 70 लाख रुपये किसी अन्य से उधार भी लेकर जालसाजों को दिए. एफआईआर के अनुसार, 22 मई से लेकर 4 जून तक शख्स ने धीरे-धीरे कर अलग-अलग तारीखों में पांच बैंक खातों में कुल 2,19,73,003 रुपये कराए.
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस साइबर क्राइम डिपार्टमेंट में शिकायत दर्ज कराई. एफआईआर में तीन व्हॉट्सएप नंबर और कई बैंक खातों के बारे में जानकारी दी गई है. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कहा है कि जल्द ही साइबर जालसाजों को अरेस्च कर दिया जाएगा.
About the Author

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.