मेरठ में अब स्कूलों-कॉलेजों से खोजी जाएंगी खेल प्रतिभाएं, यूपी खेल निदेशालय का अभियान
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एथलीट कोच गौरव त्यागी ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं में खेल से संबंधित विभिन्न प्रकार की प्रतिभाएं छिपी हुई है. ऐसी ही प्रतिभाओं की खोज करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाएगा. जिसमें की सभी स्कूल कॉलेज में दस्तक दी जाएगी. उन्होंने बताया कि अगर युवाओं को बेहतर मंच पर मिल जाएगा. तो निश्चित तौर पर यह सभी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम गर्व के साथ रोशन कर सकते हैं.
मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से ताल्लुक रखने वाले जो भी युवा खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं. लेकिन आर्थिक टंगी के कारण वह खेल से संबंधित प्रशिक्षण नहीं हासिल कर पा रहे हैं. ऐसे सभी युवाओं के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय के अनुसार अब विभिन्न स्कूलों कॉलेजों में खेल से संबंधित प्रतिभाओं को ढूंढा जाएगा. इसके लिए अलग-अलग कॉलेज में विशेष तौर पर अभियान चलाए जाएंगे.
स्कूल कॉलेज से खोजी जाएंगी प्रतिभाएं
लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए एथलीट कोच गौरव त्यागी ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं में खेल से संबंधित विभिन्न प्रकार की प्रतिभाएं छिपी हुई है. ऐसी ही प्रतिभाओं की खोज करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाएगा. जिसमें की सभी स्कूल कॉलेज में दस्तक दी जाएगी. उन्होंने बताया कि अगर युवाओं को बेहतर मंच पर मिल जाएगा. तो निश्चित तौर पर यह सभी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम गर्व के साथ रोशन कर सकते हैं.
इसी उद्देश्य से सभी स्कूलों में यह अभियान शुरू कर दिया गया है. ऐसे में जो भी युवा खेल संबंधित प्रश्न करना चाहते हैं, वह सभी अपने स्कूल के प्रिंसिपल से संपर्क कर सकते हैं. जिससे कि जैसे ही उनके स्कूल में टीम पहुंचे तो वह अपने खेल के बारे में बता सकते हैं. उन्होंने बताया कि ऐसे युवा खिलाड़ियों का चयन करने के बाद बेहतर माध्यम से उन्हें खेल से संबंधित प्रशिक्षण सरकारी शुल्क व अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही खेल में बेहतर कर सकते हैं. इसकी भी सटीक जानकारी उन्हें दी जाएगी.
इतनी होगी फीस
बताते चले कि खेल के क्षेत्र की अगर बात की जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में काफी प्रतिभाएं छुपी हुई है. जो कि मध्यम परिवार और किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने बताया कि इससे पहले अर्जुन अवार्डी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पारुल चौधरी, अनुरानी, किरण बालियांन, प्रियंका गोस्वामी भी ऐसे ही परिवार से ताल्लुक रखती थी. जिन्होंने खेल के क्षेत्र में मेरठ का नाम विश्व में रोशन किया है. ऐसे में अन्य प्रतिभाओं को तराशने के लिए उन्होंने भी अपना 100 स्कूलों का टारगेट रखा है. वह बताते हैं कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मात्र 240 रुपए सालाना का शुल्क देना होता है. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कैलाश प्रकाश स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं के अनुसार प्रशिक्षण करने का अवसर मिल रहा है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें