एक बरसात भी नहीं झेल पाएगी सड़क.. मुगलसराय के घंघेरा गांव में विरोध

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एक बरसात भी नहीं झेल पाएगी सड़क.. मुगलसराय के घंघेरा गांव में विरोध


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चंदौली के मुगलसराय के घंघेरा गांव में निर्माणाधीन सड़क को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया ईंट, कम गुणवत्ता वाली सामग्री और गलत तरीके से भराई का काम किया जा रहा है. 

चंदौली: जिले के मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के घंघेरा गांव में सड़क निर्माण कार्य जारी है. मौके पर करीब 10 से 12 मजदूर सड़क निर्माण में लगे हुए हैं. हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है. उनका कहना है कि सड़क में इस्तेमाल की जा रही ईंटें अच्छी गुणवत्ता की नहीं हैं और निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है.

ग्रामीण ने की कई बार शिकायत 

स्थानीय निवासी लक्ष्मण गोंड ने लोकल 18 से बताया कि उन्होंने कई बार ठेकेदार और संबंधित लोगों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उनका आरोप है कि सड़क में एक नंबर की गुणवत्ता वाली ईंटों के बजाय कमजोर ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि गांव के लोगों ने कई बार इस मुद्दे को उठाया, लेकिन निर्माण कार्य उसी तरह जारी है. लक्ष्मण गोंड ने कहा कि सड़क की जोड़ाई और निर्माण में कितना सीमेंट मिलाया जा रहा है, इसकी भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता का अभाव है और गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है.

भराई को लेकर भी उठे सवाल

गांव के ही युवा सूरज ने भी निर्माण कार्य पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क के किनारों पर उचित सामग्री डालने के बजाय मिट्टी से भराई की जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह काम चलता रहा, तो बरसात के मौसम में सड़क ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगी और किनारों से टूटने का खतरा बना रहेगा. सूरज ने कहा कि सड़क के निर्माण में इस्तेमाल हो रही ईंटों और अन्य सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं दिखाई दे रही है. उन्होंने मांग की कि निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके.

जनता के पैसे के सही उपयोग की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण सरकारी धन से कराया जा रहा है, जो जनता के टैक्स से आता है, ऐसे में निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुसार होना चाहिए. उनका कहना है कि यदि निर्माण में लापरवाही हुई, तो इसका नुकसान सीधे ग्रामीणों को उठाना पड़ेगा और कुछ ही समय में सड़क खराब हो सकती है. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं भी मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

ठेकेदार का पक्ष आना बाकी

ग्रामीणों के आरोपों के बीच निर्माण कार्य लगातार जारी है. हालांकि, इन आरोपों पर ठेकेदार या संबंधित विभाग के अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है, ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं. यदि ग्रामीणों की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा. वहीं, यदि जांच में निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप मिलता है, तो ग्रामीणों की आशंकाएं भी दूर हो सकेंगी. फिलहाल गांव के लोग सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच और संबंधित अधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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