लखनऊ-आगरा को पछाड़ कानपुर मेट्रो बनी ‘बिजनेस हब’, खड़ी कर रही कमाई का रिकॉर्ड
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Kanpur News: कानपुर मेट्रो अब सिर्फ सफर का साधन नहीं रह गया है, बल्कि कारोबार का नया स्वरूप बन गया है. यहां यात्री सफर के दौरान मिठाई, मोमोज, पिज्जा, इडली, डोसा, चाय, कॉफी और कई दूसरे व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं.
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मेट्रो अब सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का साधन नहीं रह गई है, यह शहर में आसान सफर के साथ कारोबार और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का भी बड़ा केंद्र बनती जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “ईज ऑफ ट्रैवलिंग” के विजन को कानपुर मेट्रो तेजी से जमीन पर उतार रही है. आईआईटी कानपुर से लेकर जल्द शुरू होने वाले नौबस्ता सेक्शन तक मेट्रो स्टेशनों के बाहर 40 से अधिक फूड और रिटेल आउटलेट खुल चुके हैं. यहां यात्री सफर के दौरान मिठाई, मोमोज, पिज्जा, इडली, डोसा, चाय, कॉफी और कई दूसरे व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं.
मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, इन आउटलेट्स, स्टेशन ब्रांडिंग और विज्ञापनों से हर साल करीब 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो रही है. यही वजह है कि कानपुर इस मामले में लखनऊ मेट्रो से भी आगे निकल चुका है. करीब 15 किलोमीटर के मौजूदा रूट पर रोजाना लगभग 20 हजार यात्री सफर कर रहे हैं और संख्या लगातार बढ़ रही है.
सफर के साथ स्वाद भी, शहर के बीचों-बीच आसान पहुंच
कानपुर मेट्रो के स्टेशन ऐसे स्थानों पर बनाए गए हैं, जहां से लोगों को शहर के प्रमुख इलाकों तक पहुंचने में आसानी होती है. आईआईटी कानपुर, मोतीझील, चुन्नीगंज, बड़ा चौराहा, नवीन मार्केट और जनरलगंज जैसे स्टेशनों से कोर्ट, डीएम कार्यालय, पुलिस आयुक्त कार्यालय, जीआईसी, परेड और आसपास के बाजारों तक लोग आसानी से पहुंच रहे हैं. यात्रियों को अब सफर के दौरान खाने-पीने की अच्छी सुविधा भी मिल रही है. यही कारण है कि मेट्रो स्टेशन धीरे-धीरे लोगों के लिए छोटे कमर्शियल हब बनते जा रहे हैं.
पिलर्स पर भी विज्ञापनों की भरमार
कानपुर मेट्रो ने कमाई बढ़ाने के लिए “नेमिंग एंड ब्रांडिंग” का मॉडल भी अपनाया है. इसके तहत कई बड़े उद्योग समूह और कंपनियां स्टेशनों के नाम के साथ अपनी ब्रांडिंग कर रही हैं. उदाहरण के तौर पर मोतीझील स्टेशन की ब्रांडिंग मधुराज कर रहा है, जबकि नयागंज स्टेशन के साथ अशोक मसाले का नाम जुड़ा हुआ है. इसके अलावा कई अन्य स्टेशनों और मेट्रो परिसरों में भी निजी कंपनियां अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं. सिर्फ स्टेशन ही नहीं, बल्कि मेट्रो के पिलर्स, स्टेशन परिसर और अन्य स्थानों पर लगे विज्ञापन भी मेट्रो की आय का बड़ा जरिया बन चुके हैं. इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ मेट्रो को अतिरिक्त राजस्व भी मिल रहा है.
अगस्त के पहले हफ्ते से नौबस्ता तक दौड़ सकती है मेट्रो
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के ज्वाइंट जीएम (जनसंपर्क) पंचानन मिश्रा ने बताया कि कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक सभी स्टेशन बनकर तैयार हैं. अब सिर्फ मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट मिलते ही अगस्त के पहले सप्ताह से इस रूट पर मेट्रो संचालन शुरू करने की तैयारी है. उन्होंने बताया कि कानपुर एक बड़ा व्यापारिक शहर है और इसी वजह से यहां आउटलेट्स, स्टेशन ब्रांडिंग और विज्ञापनों को अच्छा प्रसार मिला है. मेट्रो में लोग सिर्फ सफर ही नहीं कर रहे, बल्कि बर्थडे सेलिब्रेशन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित कर रहे हैं. आने वाले दिनों में नौबस्ता तक मेट्रो शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या और मेट्रो की कमाई, दोनों में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…
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