GSVM मेडिकल कॉलेज ने स्टेम सेल से इलाज में किया कमाल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
Agency:Local18
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के छात्र हिमांशु जिंदल के स्टेम सेल शोध को अमेरिका के मेडिकल सम्मेलन में चुना गया है. यह शोध शरीर की चर्बी से स्टेम सेल निकालकर इलाज करने पर आधारित है.
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
हाइलाइट्स
- जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का शोध अमेरिका में प्रस्तुत होगा.
- शरीर की चर्बी से स्टेम सेल निकालकर इलाज की तकनीक पर आधारित है.
- अप्रैल 2025 में लॉस एंजिल्स में मेडिकल सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा.
कानपुर: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. यहां हुए एक खास शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है. इस शोध को अमेरिका में होने वाले एक बड़े मेडिकल सम्मेलन में शामिल किया गया है. इस सम्मेलन में दुनिया भर से आये 1000 शोध पत्रों में से केवल 10 को चुना गया है.यह शोध जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के छात्र हिमांशु जिंदल ने स्टेम सेल पर किया है. उनका यह शोध अप्रैल 2025 में लॉस एंजिल्स में होने वाले एक बड़े मेडिकल सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा.
यह शोध शरीर की चर्बी से स्टेम सेल निकालकर इलाज करने के तरीके पर आधारित है. इस तकनीक से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कई मरीजों का सफल इलाज कर चुके हैं. यह तकनीक खास तौर पर सर्जरी, दिमाग से जुड़ी बीमारियों और आँखों के इलाज में कारगर साबित हुई है.
इस तकनीक में मरीज के पेट की चर्बी से स्टेम सेल निकाले जाते हैं और एक खास प्रक्रिया से वापस उसके शरीर में डाल दिए जाते हैं. इससे नए टिशू बनते हैं और मरीज को आराम मिलता है. खास बात यह है कि इस तकनीक से डायबिटीज का इलाज भी संभव है.
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि यह पहली बार है जब उनके कॉलेज के किसी शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी सराहना मिली है. उन्होंने बताया कि दुनिया भर से 1000 से ज्यादा शोध पत्र आये थे, जिनमें से केवल 200 को चुना गया. इनमें से एक कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का शोध भी है. यह हमारे लिए ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश के लिए गर्व की बात है.
दुनिया के कई देशों में इस तकनीक पर अभी शोध चल रहे हैं, लेकिन भारत में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने इसमें बड़ी प्रगति की है. इस उपलब्धि से न सिर्फ कानपुर बल्कि पूरे देश का नाम रौशन हुआ है. अप्रैल में अमेरिका में होने वाले सम्मेलन में जब यह शोध प्रस्तुत किया जाएगा, तो भारत का मेडिकल क्षेत्र और भी आगे बढ़ेगा.
Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
February 21, 2025, 14:02 IST