आगरा के लाल किले से जुड़े 8 रहस्यमयी किस्से और फैक्ट्स, पढ़कर फिर घूमने का करेगा मन
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Agra Red Fort’s Mysterious Facts : उत्तर प्रदेश के आगरा को मुगलों की राजधानी कहा जाता था. मुगलकालीन की सैकड़ों इमारत मौजूद हैं. मुगल बादशाह अकबर ने आगरा में कई इमारतों का निर्माण करवाया था. उनमें आगरा किला (आगरा फोर्ट या आगरा का लाल किला) भी शामिल है. कई सालों तक आगरा किले में रहकर मुगलों ने देश पर हुकूमत की. आगरा का किला हूबहू दिल्ली लाल किले की तरह ही दिखता है. आगरा किले में बादशाह अकबर अपनी रानियों के साथ रहते थे. उनकी सेना और सभी दरबारी भी इसी किले में रहते थे. आज इसी किले से जुड़े कुछ रहस्मयी किस्से हम आपको बताने वाले हैं.
इतिहासकार अनुराग पालीवाल बताते है कि आगरा किले का निर्माण मुगल बादशाह अकबर ने कराया था. सन् 1565 के आसपास लाल बलुआ पत्थर से इसे बनवाना शुरू कराया. इससे पहले यहां एक पुराना ईंटों का किला मौजूद था, जिसे बादलगढ़ कहा जाता था. बाद में अकबर ने इसे एक विशाल सैन्य दुर्ग और शाही राजधानी के रूप में विकसित कराया. इतिहासकार ने कहा कि किले के निर्माण में हजारों कारीगरों ने कई वर्षों तक लगातार काम किया. इसकी मजबूत दीवारें, विशाल द्वार और रणनीतिक बनावट उस समय की बेहतरीन स्थापत्य कला और सैन्य कौशल का अनोखा उदाहरण मानी जाती हैं.
आगरा फोर्ट कभी दुनिया पर हुकूमत करने वाले बादशाह को यहीं कैद करके रखा गया था. अनुराग पालीवाल ने बताया कि आगरा किले का सबसे चर्चित इतिहास बादशाह शाहजहां से जुड़ा हुआ है. उनके पुत्र औरंगजेब ने सत्ता हासिल करने के बाद उन्हें इसी किले के मुसम्मन बुर्ज में नजरबंद कर कैद कर दिया था. शाहजहां अपने अंतिम वर्षों में इसी स्थान से यमुना नदी के पार स्थित ताजमहल को निहारा करते थे, जहां उनकी प्रिय पत्नी मुमताज महल की कब्र थी. यह घटना मुगल इतिहास की सबसे भावुक और चर्चित कहानियों में गिनी जाती है, जिसने आगरा किले को एक ऐतिहासिक रहस्य और भावनात्मक प्रतीक बना दिया है.
आगरा स्थित किले में मुगलों ने कई ऐसे गुप्त रास्ते बनाये थे, जहां से वह सीधे विरोधियों से बच कर निकल सकें. इतिहासकार अनुराग पालीवाल ने कहा कि आगरा किले में कई ऐसे गुप्त मार्ग बनाए गए थे, जिनका उपयोग आपातकालीन परिस्थितियों में शाही परिवार और सैनिकों द्वारा किया जाता था. उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ रास्ते यमुना नदी की ओर निकलते थे, जबकि कुछ भूमिगत सुरंगों के रूप में बने थे. हालांकि इन सभी मार्गों की पूरी जानकारी आज भी उपलब्ध नहीं है और इसी कारण इसकी पुष्टि करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आगरा किले के गुप्त रास्तों को लेकर लोगों के बीच अनेक रहस्यमयी कहानियां और लोककथाएं प्रचलित हैं.
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आगरा किले में एक समय में कोहिनूर हिरा शाही खजाने में सुरक्षित रखा जाता था. आगरा के वरिष्ठ इतिहासकार अनुराग पालीवाल ने कहा कि आगरा किले का रहस्य दुनिया के प्रसिद्ध कोहिनूर हीरे से भी जोड़ा जाता है. उन्होंने कहा कि कई ऐतिहासिक विवरण बताते हैं कि मुगल शासकों के समय यह बहुमूल्य हीरा लंबे समय तक शाही खजाने का हिस्सा रहा और आगरा किले में सुरक्षित रखा गया था. इतिहासकार ने कहा कि समय के साथ यह हीरा अलग-अलग शासकों व राजाओं के हाथों से गुजरता हुआ भारत से बाहर चला गया. इस कारण आगरा किला केवल सत्ता का केंद्र ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे प्रसिद्ध रत्नों के इतिहास का भी महत्वपूर्ण साक्षी माना जाता है.
इतिहासकार अनुराग पालीवाल ने कहा कि आगरा किले से जुड़ा एक रोचक तथ्य सम्राट जहांगीर की न्याय व्यवस्था से संबंधित भी बताया जाता है. उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रजा को सीधे न्याय दिलाने के लिए एक सुनहरी जंजीर लगवाई थी, जिसे कोई भी व्यक्ति खींचकर अपनी शिकायत सीधे बादशाह तक पहुंचा सकता था. यह व्यवस्था उस समय के शासन में न्याय और पारदर्शिता का प्रतीक मानी जाती थी. हालांकि इतिहास की किताबों में इसके स्वरूप और स्थान को लेकर अलग-अलग मत करके बताया गया है. उन्होंने कहा कि फिर भी यह घटना मुगल प्रशासन की अनूठी मिशाल मानी जाती थी.
आगरा किले में बने महलों की अलग-अलग वास्तुकला आगरा किले का एक अद्धभुत दृश्य प्रदान करता है. इतिहासकार कहते हैं कि अकबर ने लाल बलुआ पत्थर से भव्य महलों और भवनों का निर्माण कराया, जबकि बाद में शाहजहां ने कई इमारतों को सफेद संगमरमर से बनवाया था. यही कारण है कि किले के भीतर घूमते समय अलग-अलग काल की स्थापत्य शैली एक साथ दिखाई देती है. दीवान-ए-खास, खास महल, शीश महल और मुसम्मन बुर्ज जैसी इमारतें इस बदलाव की कहानी खुद बयां करती हैं और मुगल वास्तुकला के विकास को दर्शाती हैं.
आगरा किले का इतिहास बेहद प्राचीन है. मुगलों के बाद ब्रिटिशकाल में यहां अंग्रेजों ने इसपर कब्जा कर लिया था. इतिहासकार अनुराग पालीवाल ने कहा कि सन् 1857 की क्रांति के बाद आगरा किला ब्रिटिश सेना के कब्जे में चला गया था. उस समय किले के भीतर मौजूद कई पुराने महलों और भवनों को सैन्य उपयोग के लिए हटाया दिया गया. उन्होंने कहा कि इससे किले की कई मूल संरचनाएं हमेशा के लिए नष्ट भी हो गईं. आज जो हिस्सा पर्यटकों के लिए खुला है, वह पूरे किले का केवल एक भाग है. किले का बाकी हिस्सा लंबे समय तक सेना के नियंत्रण में रहा, जिससे इसके कई रहस्य आज भी पूरी तरह सामने नहीं आ सके हैं.
आगरा के वरिष्ठ इतिहासकार और प्रोफेसर अनुराग पालीवाल ने कहा कि वर्तमान में आगरा किला विश्व भर में प्रसिद्ध है. उन्होंने कहा कि आज यह आगरा किला केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की ऐतिहासिक धरोहरों में विशेष स्थान रखता है. उन्होंने बताया कि इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य महत्व को देखते हुए इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है. यह किला मुगल साम्राज्य की शक्ति, राजनीति, कला और संस्कृति का जीवंत दस्तावेज माना जाता है. उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाखों पर्यटक यहां पहुंचकर इसकी विशाल ईमारतो, महलों और ऐतिहासिक घटनाओं को करीब से देखते हैं. आगरा किला आज भी अपने भीतर सदियों पुराने इतिहास और अनगिनत अनसुलझे रहस्यों को संजोए हुए है.