क्यों कमजोर पड़ गया यूपी में मानसून? मौसम विभाग ने दिया बता, जानिए आज बरसेंगे बदरा या नहीं
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UP Aaj Ka Mausam: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे कई जिलों में बारिश का सिलसिला थम-सा गया है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि आखिर मानसून कमजोर क्यों पड़ गया? भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इसकी वजह बताते हुए ताजा मौसम अपडेट जारी किया है. आइए जानते हैं कि मानसून की चाल क्यों सुस्त हुई और आपके शहर में आज बारिश होगी या धूप निकलेगी.
उत्तर प्रदेश में आज का मौसम.
UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून कमजोर पड़ गया है. गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा है. हालांकि, बीच-बीच में बारिश हो जाने से राहत मिल जाती है. वहीं आजकल सूर्यदेव भी लुकाछिपी खेलते रहते हैं. मगर, भारतीय मौसम विभाग (IMD) की माने तो 3 अगस्त तक ऐसा ही हाल रहने वाला है. मानसून कमजोर रहेगा. बारिश पश्चिम तराई जिलों तक ही सीमित रहेगी. 31 जुलाई यानी आज किसी प्रकार का कोई अलर्ट नहीं हैं. हालांकि, खुशखबरी की बात ये है कि अगले कुछ दिन में भारी बारिश हो सकते हैं. हालांकि, मौसम विभाग ने ये भी बताया कि अगले कुछ घंटों में मौसम खराब हो सकता है.
कहां कितनी बारिश हुई?
सावन के पहले दिन शहर में अलग-अलग पॉकेट रेन हुई. कहीं पानी कम गिरा और कहीं गिरा ही नहीं. वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि तेज धूप निकलने से निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया. हवाएं नमी लेकर तेजी से आ गईं. स्थानीय स्तर पर कुछ देर के लिए बारिश होने लगी. कंपनी बाग में 3.9 मिमी, काकादेव में 4.7 मिमी, नौबस्ता में 5.9 मिमी, सिविल लाइंस में 4.8 मिमी बारिश हुई.
कब होगा बदलाव?
उन्होंने बताया कि ट्रफ लाइन मध्यप्रदेश से दक्षिण भारत की ओर खिसक जाने से मध्य यूपी में मानसून सुस्त पड़ गया है. दो-तीन दिन के बाद मौसमी प्रणालियों में बदलाव तेज हो जाएगा. इसके बाद फिर बारिश होने लगेगी.
आज यहां हो सकती है बारिश
आज सहारनपुर, बिजनौर समेत तराई में मध्यम बारिश की संभावना है. वहीं 20–30 किमी/घंटा की रफ्तार से पुरवाई चलेगी. साथ ही गर्मी और उमस अवध और पूर्वांचल में बढ़ेगी. यहां दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी की उम्मीद है. 3 अगस्त के बाद मानसूनी गतिविधियां फिर से तेज हो सकती है.
कल वाराणसी में डरा रही थी गंगा
वाराणसी में कल सुबह से ही रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो रही थी. यहां 24 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. सबसे बड़ी चिंता गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर है. गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़कर 61.84 मीटर तक पहुंच गया है, जिसके कारण घाटों के किनारे स्थित लगभग 60 छोटे मंदिर पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…
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