कानपुरवालों बाढ़ के लिए हो जाओ तैयार, हरिद्वार-नरौरा से आ रहा रहा है गंगा का सैलाब
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Kanpur News: सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार सावन के दौरान गंगा का जलस्तर ऊंचा रहना सामान्य है, लेकिन इस बार हरिद्वार और नरौरा से लगातार बढ़ रही पानी की मात्रा ने चिंता बढ़ा दी है. गुरुवार को हरिद्वार से करीब 1.33 लाख क्यूसेक और नरौरा से लगभग 1.40 लाख क्यूसेक पानी आने से गंगा का दबाव लगातार बना हुआ है.
Kanpur Ganga Barrage Water Level: पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब कानपुर में साफ दिखाई देने लगा है. हरिद्वार और नरौरा से लगातार बढ़ रही पानी की आवक के चलते गंगा उफान पर है. गंगा बैराज के अपस्ट्रीम पर गुरुवार को जलस्तर 112.95 मीटर दर्ज किया गया. सिंचाई विभाग का अनुमान है कि अगर पानी की आवक इसी तरह बनी रही तो अगले दो दिनों में जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच सकता है. ऐसे में बैराज के आसपास के निचले गांवों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है.
जिला प्रशासन ने भी इसे देखते हुए पूरी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. गंगा बैराज के सभी 30 गेट खुले होने के बावजूद नदी का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है. बैराज से गुजरने वाले लोगों को दूर-दूर तक सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है. गंगा का स्वरूप किसी समंदर से कम नहीं लग रहा.
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार सावन के दौरान गंगा का जलस्तर ऊंचा रहना सामान्य है, लेकिन इस बार हरिद्वार और नरौरा से लगातार बढ़ रही पानी की मात्रा ने चिंता बढ़ा दी है. गुरुवार को हरिद्वार से करीब 1.33 लाख क्यूसेक और नरौरा से लगभग 1.40 लाख क्यूसेक पानी आने से गंगा का दबाव लगातार बना हुआ है.
जल पुलिस लगातार कर रही निगरानी
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए परमट, अटल घाट, सरसैया घाट समेत सभी प्रमुख घाटों पर आम लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है. जल पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस सुबह और शाम लगातार गश्त कर रही है. युवाओं को गंगा में उतरने से रोका जा रहा है और नावों का संचालन भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है. प्रशासन ने लोगों से गंगा किनारे न जाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पहले से कर लिए गए हैं और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है.
प्रयागराज और बनारस पर भी पड़ेगा असर
विशेषज्ञों के अनुसार हरिद्वार और नरौरा से छोड़ा गया पानी सबसे पहले कानपुर पहुंचता है. जब कानपुर में जलस्तर बढ़ने पर बैराज से ज्यादा पानी छोड़ा जाता है तो यही पानी एक-दो दिनों में प्रयागराज और उसके बाद बनारस तक पहुंचता है. इसलिए कानपुर में गंगा का बढ़ता जलस्तर प्रयागराज और बनारस के लिए भी अहम संकेत माना जाता है. अगर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो इन दोनों शहरों में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ सकती है.
पांच दिनों से बना हुआ है दबाव
पिछले पांच दिनों के आंकड़े बताते हैं कि गंगा बैराज के अपस्ट्रीम पर जलस्तर लगातार 113 मीटर के आसपास बना हुआ है. इसी दौरान हरिद्वार और नरौरा से आने वाले पानी की मात्रा में भी लगातार उतार-चढ़ाव के साथ बढ़ोतरी दर्ज की गई है. गुरुवार को हरिद्वार से 1,33,080 क्यूसेक और नरौरा से 1,40,452 क्यूसेक पानी कानपुर की ओर आया.
सिंचाई विभाग का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में पानी की आवक और बढ़ी तो कानपुर के निचले इलाकों और बैराज के आसपास बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. इसके बाद यही बढ़ा हुआ जलस्तर प्रयागराज और फिर बनारस पहुंचेगा, जहां प्रशासन पहले से सतर्कता बरत रहा है. जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, गंगा किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
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Manish Rai is a digital journalist with over 8 years of experience in regional and digital media. He is currently associated with News18 as the Local18 Uttar Pradesh Coordinator, where he works on planning, coo…
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