कानपुर में शुरू हुई नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता, लॉ एक्सपर्ट इन गंभीर मुद्दों पर करेंगे चर्चा
Agency:News18 Uttar Pradesh
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national moot court competition 2025: प्रतियोगिता के पहले दिन 13 कोर्ट रूम में प्रारंभिक राउंड हुए, जिसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और 23 फरवरी को ग्रैंड फिनाले होगा,
नेशनल मूट कोर्ट
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर महानगरों में तीन दिनों तक कानून के विशेषज्ञों का जमावड़ा लगेगा. आपको बता दें कि कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में एआईयू राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता कि आज से शुरुआत हुई है. इसमें देशभर से लॉ एक्सपर्ट और लॉ विशेषज्ञ शामिल होने के लिए कानपुर पहुंचे हैं. तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देश भर से कानून विशेषज्ञ शामिल होंगे. यहां कानून और कानूनों से जुड़े नए आयामों पर चर्चा होगी. देशभर से 20 से अधिक टीमों के 70 से ज्यादा प्रतिभागी इस कानूनी महामुकाबले में शामिल हुए हैं. यहां डीप फेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे समकालीन कानूनी मुद्दों पर कोर्टरूम डिस्कशन होगा.
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश बिंदल हुए शामिल
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश बिंदल उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कहा, मूट कोर्ट नवोदित वकीलों के लिए एक प्रशिक्षण भूमि है जहां सीखना जीतने से ज्यादा अहम है. उन्होंने छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी सहायता देने की सलाह भी दी. न्यायमूर्ति बिंदल ने eSCR, e-Courts और डिजिटल SCR जैसे तकनीकी नवाचारों पर चर्चा की जो न्यायपालिका को अधिक पारदर्शी और सुलभ बना रहे हैं.
कुलपति बोले रिटायर्ड जज करें लॉ स्टूडेंट की मदद
सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बोला कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और अनुभवी वकीलों को विधि शिक्षण संस्थानों से जोड़ा जाए, ताकि छात्र व्यावहारिक कानूनी ज्ञान अर्जित कर सकें. उन्होंने कहा कि छात्र कानून का किताबी ज्ञान तो ले लेते हैं लेकिन कोर्ट रूम का अनुभव और वहां की समझ उन्हें नहीं मिल पाती. अगर सेवानिवृत्ति न्यायमूर्ति और अनुभवी वकील उनका साथ देंगे तो वह एक अच्छे वकील बन सकेंगे और उन्हें किताबी ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी हो सकेगा.
ऐसे होगा प्रतियोगिता का आयोजन
प्रतियोगिता के पहले दिन 13 कोर्ट रूम में प्रारंभिक राउंड हुए, जिसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और 23 फरवरी को ग्रैंड फिनाले होगा. विश्वविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेई स्कूल फॉर लीगल स्टडीज के निदेशक डॉक्टर शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि प्रतियोगिता का यह मंच विधि छात्रों को न सिर्फ कानूनी बहस की बारीकियों से रूबरू कराएगा, बल्कि उन्हें भविष्य के सफल वकील बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगा.
Kanpur,Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
February 21, 2025, 23:49 IST