Skin Care : बरसात में क्यों बढ़ जाता है स्किन इंफेक्शन, आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?
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Skin Care tips : बारिश का मौसम स्किन के लिए आफत बनकर आता है. त्वचा लंबे समय तक गीली या नम रहने पर स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. कई लोगों में खुजली, लाल चकत्ते, जलन और दाने की समस्या बढ़ जाती है. लोकल 18 से गोंडा के वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि पैरों की उंगलियों के बीच, बगल, जांघों के आसपास और त्वचा की सिलवटों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. जूते-मोजों को अच्छी तरह सुखाकर इस्तेमाल करें. तौलिया, कपड़े और दूसरे निजी सामान किसी और के साथ साझा करने से बचें. बिना जांच कोई भी क्रीम या दवा इस्तेमाल न करें.
गोंडा. बारिश का मौसम शुरू होते ही वातावरण में नमी बढ़ जाती है. लगातार बारिश और उमस के कारण शरीर में पसीना भी अधिक आता है. ऐसे में त्वचा लंबे समय तक गीली या नम रहने पर स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इस मौसम में खुजली, लाल चकत्ते, जलन और दाने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. लोकल 18 से गोंडा के वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि बरसात के मौसम में त्वचा की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए. शरीर के जिन हिस्सों में पसीना ज्यादा आता है, वहां नमी जमा होने से फंगल संक्रमण बढ़ सकता है. खासकर पैरों की उंगलियों के बीच, बगल, जांघों के आसपास और त्वचा की सिलवटों में इसका खतरा अधिक रहता है.
गीले कपड़े तुरंत बदलें
वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों को ज्यादा देर तक पहनकर नहीं रखना चाहिए. शरीर को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं और सूखे कपड़े पहनें. गीले कपड़े पहनकर रहने से त्वचा पर नमी बनी रहती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. बारिश के मौसम में पैरों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. गीले जूते और मोजे ज्यादा देर तक पहनने से पैरों में फंगल संक्रमण हो सकता है. इसलिए जूते-मोजों को अच्छी तरह सुखाकर इस्तेमाल करें और रोजाना साफ मोजे पहनें.
नजरअंदाज न करें ये लक्षण
डॉ. अभिषेक के मुताबिक, बरसात में साफ-सफाई का ध्यान रखें. रोजाना स्नान करें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं. तौलिया, कपड़े और अन्य निजी सामान किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा करने से बचें. इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सकता है. अगर त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते, जलन, दाने या गोल निशान दिखाई दे रहे हैं तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बिना जांच कोई भी क्रीम या दवा इस्तेमाल न करें. समस्या ज्यादा होने या लगातार बनी रहने पर योग्य डॉक्टर या त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है. त्वचा में किसी भी तरह का बदलाव घातक हो सकता है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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