बैंक लॉकर में रखवाए लाखों के जेवर, अब पता नहीं कहां गए, कानपुर का अजब गजब केस

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बैंक लॉकर में रखवाए लाखों के जेवर, अब पता नहीं कहां गए, कानपुर का अजब गजब केस


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Uttar Pradesh News: अक्सर हम चोरी होने के डर से अपने महंगे जेवरातों को बैंक में रखवा देते हैं. हमें लगता है कि सबसे सेफ जगह है. मगर, सोचिए अगर वहां से भी आपके गहने चोरी होने लगे तो? कानपुर से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है.

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कानपुर में बैंक लॉकर से गहने गायब. (एआई तस्वीर)

कानपुर : लोग अपने कीमती गहनों को चोरी होने के डर से उन्हें बैंकों के लॉकर में रखवाते हैं. मगर, सोचिए अगर गहने वहां से ही गायब हो जाएं तो आपके पास क्या ऑप्शन बचेगा. कानपुर से कुछ ऐसा ही अजब गजब मामला सामने आया है. यहां बैंक लॉकर से करीब 50 लाख रुपये के जेवर गायब हो गए हैं. मामले की जांच में पुलिस जुट गई है. खास बात ये है कि जिस बैंक में लॉकर था, उसके विलय के बाद अब तक पांच बैंक प्रबंधक बदल चुके हैं. पुलिस इन सभी के कार्यकाल की कड़ियां जोड़कर जांच कर रही है.

कानपुर के स्वरूप नगर इलाके में बैंक लॉकर से करीब 50 लाख रुपये के जेवर गायब होने का मामला अब गहराता जा रहा है. कौशलपुरी निवासी रश्मि अरोड़ा के मुताबिक वर्ष 2003 में उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर में बचत खाता और लॉकर लिया था. लॉकर में करीब 50 लाख रुपये के जेवर रखे थे. वर्ष 2011 में पति के निधन के बाद वह लखनऊ के आलमबाग में अपनी बेटी तृप्ता के साथ रहने लगीं.

करीब चार महीने पहले जब वह अपनी मां के साथ लॉकर देखने बैंक पहुंचीं तो प्रबंधक ने बताया कि बैंक अब एसबीआई में मर्ज हो चुका है. लॉकर खोलने पर उसमें उनका निजी ताला लगा मिला, लेकिन अंदर जेवरात गायब थे. इसके बाद पीड़िता ने स्वरूप नगर थाने में बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया.

अब पुलिस जांच में बैंक के पांच प्रबंधकों के कार्यकाल की कड़ियां जोड़ रही है. साल 2003 से लेकर बैंक के एसबीआई में विलय तक कौन-कौन प्रबंधक रहा, किसके कार्यकाल में लॉकर से संबंधित प्रक्रिया हुई और लॉकर तक किसकी पहुंच थी? इन तमाम बिंदुओं पर जांच की जा रही है. पुलिस बैंक परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है. साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है.

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काव्‍या मिश्राSenior Sub Editor

Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …

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