चित्रकूटः श्री अन्न की खेती को बढ़ावा देने के लिए 60 लाख में बन रहा खाद्य प्रसंस्करण इकाई
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चित्रकूट में श्री अन्न की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन सक्रिय है. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने किसानों से संवाद किया. 60 लाख रुपये की लागत से श्री अन्न प्रसंस्करण इकाई का निर्माण अंतिम चरण में है. जहां इसमें श्री अन्न से आटा, लड्डू, बिस्किट समेत कई तरह के उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे, इन उत्पादों को पैकिंग के साथ बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा.इससे स्थानीय किसानों को बाजार मिलने के साथ ही श्री अन्न से जुड़े रोजगार और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा.
चित्रकूटः बुंदेलखंड का चित्रकूट कभी श्री अन्न यानी मोटे अनाज की खेती के लिए जाना जाता था. यहां के किसान ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी, सांवा, काकुन और रागी जैसी फसलों की खेती बड़े स्तर पर करते थे. हालांकि समय के साथ इन फसलों की बिक्री की स्थानीय व्यवस्था न होने से किसानों का रुझान कम होता गया. किसानों को तैयार उपज बेचने के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता था,इससे अतिरिक्त भाड़ा और समय खर्च होता था.जिसके कारण धीरे-धीरे श्री अन्न की खेती चित्रकूट में लगभग लुप्त होने की स्थिति में पहुंच गई थी.
जिलाधिकारी नें किसानों संग किया संवाद
आप को बता दे कि जिला प्रशासन की पहल से एक बार फिर चित्रकूट में श्री अन्न की खेती और इसके कारोबार को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गई है. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने किसानों के साथ संवाद कर उन्हें श्री अन्न की खेती के लिए प्रोत्साहित किया है. इसके बाद किसानों ने दोबारा इन फसलों की खेती शुरू की है,अब प्रशासन किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार और प्रसंस्करण की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है.इसी क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में जिला खनिज मद से करीब 60 लाख रुपये की लागत से श्री अन्न प्रसंस्करण इकाई का निर्माण कराया जा रहा है.इकाई का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है, भवन का रंग-रोगन और फेब्रिकेशन का काम पूरा हो चुका है, जबकि मशीनों की पहली खेप कृषि विज्ञान केंद्र पहुंच गई है.
मिलेगी प्रसंस्करण की सुविधा
जानकारी के लिए बता दे कि इकाई के शुरू होने के बाद चित्रकूट के किसानों को अपनी उपज का प्रसंस्करण कराने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. किसान निर्धारित दर पर यहीं ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी, सांवा, काकुन और रागी का प्रसंस्करण करा सकेंगे. इससे किसानों का समय और परिवहन पर होने वाला खर्च बचेगा. वहीं प्रसंस्करण के बाद उत्पाद की पैकिंग और बेहतर बाजार उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज का अधिक मूल्य मिलने की उम्मीद है.
वही इस संबंध में चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल18 को बताया कि श्री अन्न प्रसंस्करण इकाई का निर्माण अंतिम चरण में है. भवन का रंग-रोगन और फेब्रिकेशन पूरा हो चुका है तथा मशीनों की पहली खेप पहुंच चुकी है. उन्होंने बताया कि करीब 60 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही इस इकाई में किसानों को स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की सुविधा मिलेगी. उनका कहना है कि इकाई में श्री अन्न से आटा, लड्डू, बिस्किट समेत कई तरह के उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे, इन उत्पादों को पैकिंग के साथ बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा.इससे स्थानीय किसानों को बाजार मिलने के साथ ही श्री अन्न से जुड़े रोजगार और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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