नौकरी नहीं मिली तो खेती में लगाया दांव, आज 2 बीघे में लौकी उगाकर लाखों कमा रहें इंद्रजीत

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नौकरी नहीं मिली तो खेती में लगाया दांव, आज 2 बीघे में लौकी उगाकर लाखों कमा रहें इंद्रजीत


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Agriculture Success Story: गोंडा के किसान इंद्रजीत सिंह ने नौकरी की तलाश के बजाय खेती को ही अपनी कमाई का जरिया बनाया और अब सब्जियों की खेती से अच्छी आमदनी हासिल कर रहे हैं. करीब दो बीघा खेत में लौकी की खेती कर रहे इंद्रजीत ने पारंपरिक तरीके से हटकर मचान विधि को अपनाया, जिससे फसल की देखभाल और तुड़ाई आसान हो गई. कम लागत में तैयार होने वाली इस फसल से वह चार से पांच महीने में अच्छी कमाई की उम्मीद कर रहे हैं. खास बात यह है कि खेती का यह तरीका आसपास के दूसरे किसानों को भी नई दिशा दे रहा है.

गोंडा: खेती में अच्छी कमाई के लिए अब किसान पारंपरिक फसलों के साथ सब्जियों की खेती की ओर भी बढ़ रहे हैं. गोंडा के इटियाथोक क्षेत्र के किसान इंद्रजीत सिंह ने भी कुछ ऐसा ही किया. पहले नौकरी की तलाश की, लेकिन जब नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने खेती को ही अपना रोजगार बना लिया. अब वह करीब दो बीघा जमीन में लौकी की खेती कर रहे हैं और इससे अच्छी आमदनी की उम्मीद कर रहे हैं.

इंद्रजीत सिंह का कहना है कि अगर लौकी की खेती सही तरीके और अच्छी तकनीक से की जाए तो कम लागत में अच्छी कमाई की जा सकती है. वह पहले जमीन पर लौकी की खेती करते थे, लेकिन बाद में मचान विधि के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इस तरीके को अपनाया. उनका कहना है कि इससे फसल को सहारा मिलता है और लौकी जमीन के संपर्क में नहीं आती, जिससे फल साफ रहता है.

नौकरी नहीं मिली तो खेती को बनाया रोजगार
किसान इंद्रजीत सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उन्होंने इंटर तक पढ़ाई की है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी की तलाश की, लेकिन किसी कारण से नौकरी नहीं मिल सकी. इसके बाद उन्होंने खेती-किसानी को ही अपना रोजगार बनाने का फैसला किया. शुरुआत में वह पारंपरिक तरीके से खेती करते थे. बाद में उन्होंने सब्जियों की खेती पर ध्यान देना शुरू किया. इसी दौरान उन्होंने लौकी की खेती शुरू की और अब इससे अच्छी कमाई कर रहे हैं.

दो बीघा जमीन में कर रहे लौकी की खेती
इंद्रजीत सिंह के मुताबिक, वह करीब दो बीघा जमीन में लौकी की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सब्जियों की खेती में अगर सही तरीके से फसल तैयार की जाए और बाजार में अच्छा भाव मिल जाए तो आमदनी अच्छी हो सकती है.

15 से 20 हजार रुपये आती है लागत
किसान के अनुसार, दो बीघा जमीन में लौकी की खेती करने में करीब 15 से 20 हजार रुपये की लागत आती है. फसल तैयार होने के बाद चार से पांच महीने में करीब डेढ़ से दो लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है. हालांकि, किसान ने बताया कि कमाई पूरी तरह फसल की पैदावार और बाजार में मिलने वाले भाव पर निर्भर करती है. अगर लौकी का भाव अच्छा मिलता है तो आमदनी बढ़ सकती है, जबकि बाजार भाव कम होने पर कमाई भी कम हो सकती है.

पानी संस्थान के लोगों से जानकारी
इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पहले वह लौकी की खेती जमीन पर ही करते थे. बाद में पानी संस्थान के लोगों ने उन्हें मचान विधि से लौकी की खेती करने की सलाह दी. इसके बाद उन्होंने इस तरीके को अपनाकर खेती शुरू की. मचान विधि में लौकी की बेल को ऊपर चढ़ने के लिए सहारा दिया जाता है. इससे फल जमीन से ऊपर रहते हैं. किसान के मुताबिक, इस तरीके से उन्हें अच्छी पैदावार के साथ साफ-सुथरी लौकी भी मिल रही है.

सिंचाई और खाद का रखें ध्यान
किसान इंद्रजीत सिंह का कहना है कि लौकी की खेती में समय पर सिंचाई, खाद और फसल की सही देखभाल करना बहुत जरूरी है. किसान को फसल की जरूरत के अनुसार समय पर सिंचाई करनी चाहिए और खाद का भी ध्यान रखना चाहिए. मचान विधि से खेती करने पर लौकी के फल जमीन से ऊपर रहते हैं, जिससे वह साफ रहती है. किसान का कहना है कि अगर मेहनत और सही तरीके से खेती की जाए तो सब्जियों की खेती किसानों के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन सकती है.

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Seema Nath

Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…

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