जब भगवान शंकर पंहुचे आगरा के ताज महल, CISF ने रोका और फिर हुआ ये

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जब भगवान शंकर पंहुचे आगरा के ताज महल, CISF ने रोका और फिर हुआ ये


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agra news today in hindi: जब आदि शिव से पूछा गया कि क्या वे ताजमहल को शिव मंदिर मानकर यहां आए हैं, तो उन्होंने कहा…

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शिव स्वरूप

आगरा: देश-विदेश से लोग ताज महल घूमने आगरा जाते हैं. मध्य प्रदेश के भी एक शख्स ताज महल पहुंचे थे. खुद को आदि शिव बताने वाले एमपी निवासी देव शिव नाम के व्यक्ति अनोखे अंदाज में ताज महल पहुंचे. नर्मदा घाट निवासी देव शिव भगवान शिव के स्वरूप में ताजमहल पहुंचे थे. वह हाथ में त्रिशूल और डमरू लिए हुए थे. इससे ताज की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने उन्हें रोक लिया और त्रिशूल और डमरू ले जाने की अनुमति नहीं दी.

भगवान शिव के स्वरूप में पहुंचा था युवक
देव शिव ने ताजमहल का टिकट खरीदा और प्रवेश लाइन में लग गए. सीआईएसएफ की नजर पड़ने पर उन्हें रोका गया. जब उन्होंने अपनी बात रखी तो जवानों ने स्पष्ट किया कि त्रिशूल और डमरू को अंदर ले जाने की इजाजत नहीं है. इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने उनके पास से त्रिशूल और डमरू जमा करवा लिए और उन्हें शिव स्वरूप में ही ताजमहल के अंदर प्रवेश की अनुमति दे दी.

भगवान शंकर को देख लोगों ने खिंचाए फोटो
भगवान शिव के स्वरूप में व्यक्ति को ताजमहल के अंदर घूमते देख पर्यटकों में उत्सुकता बढ़ गई. कई पर्यटकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं. जब आदि शिव से पूछा गया कि क्या वे ताजमहल को शिव मंदिर मानकर यहां आए हैं, तो उन्होंने कहा “जो सत्य है, वह देर-सवेर सामने आ ही जाएगा. सनातन धर्म को समझने के लिए सबूतों की जरूरत नहीं है. शिव हर जगह हैं. यदि वे यहां विराजमान हैं तो एक दिन सामने आएंगे.”

ताजमहल को तेजो महादेव मंदिर बताने का दावा
उनका कहना था कि वह यह जानना चाहते थे कि ताजमहल में ऐसा क्या है जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों लोग आते हैं. ताजमहल को भगवान शिव का मंदिर (तेजो महल) होने का कई हिंदूवादी संगठन दावा कर चुके हैं. ताजमहल में 22 कमरा खोले जाने का विवाद भी हुआ था. ताजमहल में अक्सर हिंदूवादी संगठन पूजा अर्चना करने की मांग करते हैं. इसे लेकर आगरा कोर्ट में विवाद भी चल रहा है.

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