सरकारी स्कूलों में वार्षिकोत्सव और हलुआ सेरेमनी से बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास
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देवरिया के सरकारी स्कूलों में वार्षिकोत्सव और हलुआ सेरेमनी जैसे आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है. प्रधानाध्यापक मदन शाह और श्री राम यादव ने इन प्रयासों की सराहना की है.
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हाइलाइट्स
- सरकारी स्कूलों में वार्षिकोत्सव और हलुआ सेरेमनी आयोजित.
- बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम.
- प्रधानाध्यापक और शिक्षण संघ ने प्रयासों की सराहना की.
देवरिया: अब सरकारी स्कूलों का रूप धीरे-धीरे बदल रहा है. पहले इन स्कूलों को उपेक्षित और नीरस माना जाता था, लेकिन अब इनमें नई ऊर्जा आ रही है. बच्चों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए सरकारी स्कूलों में भी वार्षिकोत्सव और रिजल्ट वितरण समारोह बड़े उत्सव की तरह मनाए जा रहे हैं. यह परंपरा पिछले सत्र से शुरू हुई थी, लेकिन इस शैक्षणिक सत्र में इसे और भी भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है.
खास मौके पर “हलुआ सेरेमनी” भी हुई
गांव के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को स्कूल से जोड़ने और उनकी पढ़ाई में रुचि बढ़ाने की यह पहल बहुत अच्छी है. पिपरा बाबू पट्टी के प्राथमिक विद्यालय में इस साल वार्षिकोत्सव आयोजित किया गया, जो इसका एक अच्छा उदाहरण है. खास बात यह थी कि इस मौके पर “हलुआ सेरेमनी” भी हुई, जिसमें बच्चों को स्वादिष्ट हलुआ खिलाया गया. यह पहल बच्चों को स्कूल में रहने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ पढ़ाई को एक उत्सव का रूप देकर उनके मन में सकारात्मक सोच भी पैदा करती है.
बच्चों ने सबका मन मोह लिया
News18 की टीम जब पिपरा बाबू पट्टी प्राथमिक विद्यालय पहुंची, तो वहां का नजारा कुछ अलग ही था. स्कूल को रंग-बिरंगे झंडों, फूलों और पोस्टरों से सजाया गया था. बच्चे रंगीन कपड़ों में सजे हुए थे. उन्होंने नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई. लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया. बच्चों के चेहरों पर मुस्कान थी और अभिभावकों की आंखों में गर्व था.
ऐसे आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मदन शाह ने बताया कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और अभिभावकों का स्कूल पर विश्वास भी मजबूत होता है. उन्होंने यह भी कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से सरकारी स्कूलों की सकारात्मक छवि बन रही है और नामांकन की संख्या भी बढ़ रही है. इसके अलावा, जूनियर शिक्षण संघ के अध्यक्ष श्री राम यादव ने भी सरकार के इन प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे उत्सव बहुत महत्वपूर्ण हैं. श्री राम यादव ने इस प्रकार के आयोजनों को शिक्षा के विकास के लिए सकारात्मक कदम बताया और कहा कि सरकार को ऐसे कार्यक्रमों को और बढ़ावा देना चाहिए.
ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा
इस प्रयास से यह साफ है कि अगर सरकारी स्कूलों को सही मार्गदर्शन, संसाधन और समाज का समर्थन मिले, तो वे भी निजी स्कूलों से कम नहीं हो सकते. बच्चों की शिक्षा को एक उत्सव बनाने का यह प्रयास निश्चित रूप से आने वाले समय में ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा और एक नई दिशा में ले जाएगा.