पापा ने सिखाया, बेटा पीट रहा पैसे! धान-गेहूं छोड़ ऐसी चीज उगा रहा अमेठी का ये किसान
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Strawberry Farming Tips in Hindi : अब भी खेत वही है. मेहनत उतनी ही है, लेकिन मुनाफा अधिक हो रहा है. इसकी खेती ने धर्मेंद्र को मालामाल कर दिया. हर फसल पर लागत की तीन गुना कमा रहे हैं.
स्ट्रॉबेरी के खेत में किसान धर्मेंद्र कुमार
हाइलाइट्स
- अमेठी के किसान धर्मेंद्र स्ट्रॉबेरी की खेती से लाखों कमा रहे हैं.
- जैविक विधि से स्ट्रॉबेरी उगाने में अधिक मुनाफा.
- वे दो एकड़ में धान-गेहूं छोड़ स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं.
Strawberry Farming Tips/अमेठी. खेती-किसानी से भी तरक्की की नई इबारत गढ़ी जा सकती है. अमेठी जिले में यही हो रहा है. यहां का एक किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहा है. स्ट्रॉबेरी की खेती करने की प्रेरणा उसे अपने पिता से मिली. पिता हरियाणा में इसकी खेती करते थे. बाद में अपने जिले में आकर इसे उगाना शुरू किया. धीरे-धीरे इसकी खेती से फायदा होने लगा. आज एक सीजन में लाखों रुपये घर बैठे कमा लेते हैं. अमेठी के जगदीशपुर ब्लॉक के रहने वाले बनभरिया गांव के किसान धर्मेंद्र कुमार दो एकड़ से अधिक में स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं.
करते हैं दो काम
धर्मेंद्र इसकी खेती में रासयनिक खादों का इस्तेमाल नहीं करते हैं. वे इसे जैविक तरीके से उगाते हैं. गोबर की खाद डालते हैं. सिंचाई के लिए ड्रिप स्प्रिंकलर पद्धति का इस्तेमाल करते हैं. इससे काफी अच्छी पैदावार होती है. उद्यान विभाग भी समय-समय पर उन्हें इसकी खेती के बारे में गाइड करता है. किसान धर्मेंद्र बताते हैं कि स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए एक बीघे में दो से ढाई लाख रुपये की लागत आती है और मुनाफा एक सीजन में 5 से 6 लाख रुपये तक आसानी से हो जाता है.
लोकल 18 से बातचीत में किसान धर्मेंद्र बताते हैं कि पहले वे धान और गेहूं की खेती करते थे. कभी-कभी नुकसान भी झेलना पड़ता था. अब खेत वही है. मेहनत वही है लेकिन मुनाफा अधिक है. स्ट्रॉबेरी की खेती ने उन्हें मालामाल कर दिया है. किसान धर्मेंद्र के अनुसार, धान गेहूं की परंपरागत खेती की अपेक्षा इसमें ज्यादा मुनाफा है और नुकसान का खतरा कम है.