आज से शुरू हो रहा ज्येष्ठ माह, कब पड़ रहे हैं किस्मत बदलने वाले व्रत और त्योहार, देखें लिस्ट
Last Updated:
Jyestha month ke vrat : हिंदू कैलेंडर के हिसाब से ज्येष्ठ तीसरा महीना होता है. इस महीने में जल का दान किया जाए तो शुभ फल मिलता है. कई जगहों पर इस दिन हनुमान मंदिरों में भंडारा खिलाया जाता है और जल सेवा भी होती …और पढ़ें
व्रत त्योहार
हाइलाइट्स
- ज्येष्ठ माह में सूर्य और हनुमान पूजा का महत्त्व है.
- गंगा दशहरा, वट सावित्री, और निर्जला एकादशी प्रमुख व्रत हैं.
- जल दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है.
अयोध्या. सनातन धर्म में ज्येष्ठ का माह का विशेष महत्त्व है. इस महीने भगवान सूर्य और पवन पुत्र हनुमान की पूजा आराधना का विशेष विधान है. हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, ये तीसरा महीना होता है. इस महीने में प्रचंड गर्मी भी रहती है. इस महीने कई बड़े व्रत और त्योहार भी मनाए जाते हैं. इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि ज्येष्ठ के महीने में कौन-कौन से व्रत, किस-किस तारीख को मनाए जाएंगे. अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू कैलेंडर के मुताबिक ज्येष्ठ तीसरा माह होता है. इस महीने प्रचंड गर्मी होती है. इस महीने में अगर जल का दान किया जाए तो शुभ फल की प्राप्ति होती है.
तिथि और व्रत
पंडित कल्कि राम के अनुसार, इस महीने में कई बड़े व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं जिसमें गंगा दशहरा वट, सावित्री का व्रत बेहद महत्त्वपूर्ण माना जाता है. 13 मई को नारद जयंती, ज्येष्ठ का पहला मंगल, 15 मई को वृषभ संक्रांति, 16 मई को संकष्टी चतुर्थी, 23 मई को अपरा एकादशी, 24 मई को शनि प्रदोष, 26 मई को वट सावित्री का व्रत, 27 मई को शनि जयंती, 5 जून को गंगा दशहरा, 6 जून को निर्जला एकादशी, 10 जून को वट पूर्णिमा व्रत और 11 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा मनाई जाएगी.
जीवन में सुख-शांति
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि इस माह में हनुमान जी और भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. जीवन में सुख-शांति आती है. इस माह दान-पुण्य करने से भी बहुत पुण्य मिलता है. कई स्थानों पर इस दिन हनुमान मंदिरों में भंडारे और जल सेवा भी की जाती है. इस साल ज्येष्ठ महीने की शुरुआत 13 मई मंगलवार से हो रही है और यह 11 जून बुधवार को समाप्त होगा.