कानपूर चिड़ियाघर में बब्बर शेर पटौदी की हुई मौत, गोरखपुर से लाया गया था इलाज..
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Kanpur Zoo: कानपुर जू में इलाज के लिए लाए गए बीमार बब्बर शेर पटौदी की मौत हो गई. पटौदी की उम्र 15 साल थी और वह काफी समय से बीमार था. बर्ड फ्लू की आशंका के चलते जू को 19 मई तक बंद कर दिया गया है.
Kanpur Zoo
हाइलाइट्स
- पटौदी नामक बब्बर शेर की कानपुर जू में मौत
- बर्ड फ्लू की आशंका के चलते कानपुर जू 19 मई तक बंद
- जू के कर्मचारियों को मास्क और पीपीई किट पहनने के निर्देश
Kanpur Zoo: कानपुर जू में इलाज के लिए लाए गए बीमार बब्बर शेर पटौदी की गुरुवार सुबह मौत हो गई. इस खबर से जू में हड़कंप मच गया. बताया गया है कि पटौदी की तबीयत काफी समय से खराब थी और उसने खाना-पीना बंद कर दिया था. डॉक्टरों के अनुसार, वह अपनी औसत उम्र पूरी कर चुका था और काफी कमजोर हो गया था. बर्ड फ्लू का डर भी है.
जानवरों को दूसरी जगह शिफ्ट किया
गोरखपुर जू में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते वहां के बीमार जानवरों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा था. इसी कारण पटौदी को इलाज और बेहतर देखभाल के लिए कानपुर लाया गया था. लेकिन यहां आने के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई. वह कुछ भी नहीं खा रहा था और सुस्त हो गया था.
पटौदी की हो गई मौत
कानपुर जू के डॉक्टरों के अनुसार, अचानक मौसम बदलने और नई जगह आने के कारण वन्यजीवों में तनाव हो जाता है, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ता है. पटौदी के कुछ सैंपल बरेली स्थित आईवीआरआई लैब भेजे गए थे ताकि उसकी बीमारी की सही वजह पता चल सके. रिपोर्ट शाम को आने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही सुबह उसकी मौत हो गई.
कोई लापरवाही नहीं की गई
जू के अधिकारी नावेद इकराम ने शेर की मौत की पुष्टि की है. डॉक्टर अनुराग सिंह ने बताया कि पटौदी की उम्र करीब 15 साल थी, जो बब्बर शेरों की सामान्य आयु मानी जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि शेर को पूरी सावधानी और ध्यान से इलाज दिया गया और कोई लापरवाही नहीं की गई.
पटौदी को कानपुर लाने का फैसला किया
पटौदी की मौत के बाद जू में काम करने वाले डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तनातनी हो गई. डॉक्टरों का आरोप है कि बिना उनकी सलाह के पटौदी को कानपुर लाने का फैसला किया गया, जबकि उन्हें पहले से जानकारी दी जानी चाहिए थी. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला शासन के निर्देश पर लिया गया था.
कानपुर जू को 19 मई तक बंद
फिलहाल, बर्ड फ्लू की आशंका के चलते कानपुर जू को 19 मई तक बंद कर दिया गया है. जू के सभी कर्मचारियों को मास्क और पीपीई किट पहनकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं. जानवरों को सावधानी से खाना खिलाया जा रहा है और साफ-सफाई पर खास ध्यान दिया जा रहा है.