सिर्फ 15 दिन की ट्रेनिंग और शुरू करें लाखों का बिज़नेस, सरकार दे रही है मौका!
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खादी ग्रामोद्योग बोर्ड सुल्तानपुर में मूंज उत्पाद और सिलाई कार्य के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है. इच्छुक अभ्यर्थी 30 मई तक आवेदन करें. चयनितों को स्टाइपेंड और भोजन की सुविधा भी दी जाएगी.
सिलाई प्रशिक्षण लेती महिलाएं
हाइलाइट्स
- खादी ग्रामोद्योग बोर्ड 15 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है.
- आवेदन की अंतिम तिथि 30 मई है.
- प्रशिक्षण में स्टाइपेंड और भोजन की सुविधा मिलेगी.
सुल्तानपुर– हर व्यक्ति के पास इतनी पूंजी नहीं होती कि वह कोई बड़ा उद्योग स्थापित कर सके, लेकिन छोटे-छोटे उद्योगों से भी अच्छी कमाई की जा सकती है. इसी सोच को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और बेरोजगारों को हुनरमंद बनाने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है.
मुख्यमंत्री माटी कला योजना के अंतर्गत मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री माटी कला योजना के तहत यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. जिला ग्राम उद्योग अधिकारी आर. एस. यादव ने जानकारी दी कि सुल्तानपुर जिले में सामान्य वर्ग के 50 लोगों को इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाएगा. ये प्रशिक्षण दो बैच में आयोजित होंगे, प्रत्येक बैच में 25-25 प्रतिभागी शामिल होंगे.
इसके अलावा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 75 लोगों को भी इस योजना में शामिल किया गया है. प्रशिक्षण में खासतौर पर मूंज उत्पादों के निर्माण और दर्जी कार्य (सिलाई) का अभ्यास कराया जाएगा.
ऐसे करें आवेदन
जिन इच्छुक युवाओं को मूंज उत्पाद निर्माण या सिलाई कार्य में प्रशिक्षण लेना है, वे खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. यह प्रशिक्षण 15 दिनों का होगा, जिसमें कपड़ा सिलना, मूंज उत्पाद बनाना, उनकी देखभाल और बिक्री की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी.
आवेदन की अंतिम तिथि 30 मई
जो भी लोग इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठाना चाहते हैं, वे 30 मई से पहले ऑनलाइन आवेदन जरूर करें. आवेदन की हार्ड कॉपी जिला ग्राम उद्योग कार्यालय, सुल्तानपुर में जमा कराना अनिवार्य है.
मिलेगा स्टाइपेंड और अन्य सुविधाएं
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को 250 रुपये प्रतिदिन का स्टाइपेंड दिया जाएगा. साथ ही, प्रशिक्षण केंद्र की ओर से खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे प्रतिभागी बिना किसी चिंता के पूरी लगन से प्रशिक्षण ले सकें.