सोफिया कुरैशी विवाद पर कूदीं रजनी तिवारी, अपने ही मंत्री को दिखाया आईना, कहा- इससे दिखता है कि उनकी…
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UP News: रजनी तिवारी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर की गई टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि सेना को महिला, पुरुष, जाति या धर्म के आधार पर नहीं बांटा जा सकता.
सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान पर रजनी तिवारी ने लगाई फटकार.
हाइलाइट्स
- रजनी तिवारी ने महिला सैनिकों पर टिप्पणियों का विरोध किया.
- सेना देश की होती है, न कि किसी जाति या लिंग की.
हरदोई: सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सेना की महिला अधिकारियों पर की गई टिप्पणियों पर यूपी सरकार की राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) रजनी तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियां न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं, बल्कि यह उन लोगों की संकीर्ण मानसिकता को भी दर्शाती हैं.
रजनी तिवारी ने स्पष्ट कहा, ‘सेना सिर्फ देश की होती है, उसे महिला, पुरुष, जाति या धर्म के आधार पर नहीं बांटा जा सकता. जो लोग इस तरह के बयान दे रहे हैं, वो यह दिखा रहे हैं कि उनकी सोच कितनी संकीर्ण है. यह हमारे वीर सैनिकों और विशेष रूप से महिला अधिकारियों के सम्मान के खिलाफ है.’
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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव और मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भाग लेने वाली महिला अधिकारियों पर टिप्पणी की गई थी, जिसे लेकर देशभर में विरोध जताया जा रहा है.
रजनी तिवारी ने कहा कि भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है और उसमें महिला अधिकारी भी कंधे से कंधा मिलाकर सेवा दे रही हैं. ऐसे में इस प्रकार की टिप्पणियां न केवल उनका मनोबल गिराने वाली हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं. उन्होंने अपील की कि राजनीतिक व्यक्ति जिम्मेदारी से बयान दें और देश की रक्षा करने वाले हर सैनिक का सम्मान करें, चाहे वह पुरुष हो या महिला.