बंजर जमीन में यह खेती कर किसानों की बदली तकदीर! कम लागत में कमा रहे बंपर मुनाफा, बन गए मालामाल
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Agriculture News: लखीमपुर खीरी के तराई इलाके में किसान शारदा नदी के किनारे तरबूज की खेती कर रहे हैं. बाढ़ से जमीन रेतीली हो गई है, जिससे कम लागत में अधिक मुनाफा हो रहा है. तरबूज की मांग गर्मियों में बढ़ जाती है.
तरबूज की खेती।
हाइलाइट्स
- लखीमपुर खीरी में किसान तरबूज की खेती कर रहे हैं.
- रेतीली बंजर जमीन पर तरबूज की खेती से मुनाफा हो रहा है.
- गर्मी में तरबूज की मांग बढ़ने से किसानों की आमदनी बढ़ी.
लखीमपुर खीरीः यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में किसान शारदा नदी के किनारे बड़े पैमाने पर इस समय तरबूज की खेती कर रहे हैं. तरबूज की खेती कर किसानों को अच्छा खासा मुनाफा भी हो रहा है. किसान ने जानकारी देते हुए बताया कि शारदा नदी में आई बाढ़ के कारण जमीन कट गई थी, जिस कारण अब जमीन रेतीली बंजर हो गई है. इसीलिए किसान अब गर्मियों के मौसम में तरबूज की खेती कर रहे हैं. जिससे वह कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं.
ढकिया कलां गांव के रहने वाले किसान सरनाम ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके 5 एकड़ में तरबूज लगा हुआ है. वह लखीमपुर जनपद के अलावा आसपास के इलाकों में भी तरबूज की बिक्री के
लिए जाते हैं. किसान ने बताया कि वह बीते कई वर्षों से लगातार तरबूज की खेती कर रहे हैं तरबूज की खेती से कम लागत में अधिक मुनाफा होता है. तरबूज की खेती करने के लिए रेतीली बंजर ज़मीन अच्छी मानी जाती है. इसीलिए हम लोग शारदा नदी के किनारे तरबूज की खेती कर रहे हैं.
बता दें कि गर्मी के सीजन में तरबूज की डिमांड अधिक बढ़ जाती है. तरबूज भारत ही नहीं कई देशों में बड़े ही चाव से खाया जाता है. गर्मियों के दिनों में तरबूज तरोताजा तो रखता ही है, साथ ही यह किसानों की आमदनी भी बढ़ाता है. मार्केट में 25 से 30 रुपए प्रति किलो थोक भाव में तरबूज की बिक्री हो जाती है.