चकई की खेती से बागपत का ये किसान बना मिसाल, 3 महीने में करता है तगड़ी कमाई
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Chakei Farming: बागपत के किसान राजेश कुमार ने चकई की खेती कर तीन महीने में तीन गुना मुनाफा कमाया है. यह फसल 90 दिनों में तैयार होती है और कम पानी व कीटों का प्रकोप सहन करती है.
चकई।
हाइलाइट्स
- राजेश कुमार ने चकई की खेती से तीन महीने में तीन गुना मुनाफा कमाया.
- चकई की फसल 90 दिनों में तैयार होती है और कम पानी की जरूरत होती है.
- राजेश की खेती देखने दूर-दूर से किसान आते हैं.
आशीष त्यागी/बागपत. बागपत के एक किसान ने चकई की खेती कर नई मिसाल पेश की है. यह फसल मात्र तीन महीने में तैयार हो जाती है और पारंपरिक फसलों की तुलना में तीन गुना अधिक मुनाफा देती है. किसान का कहना है कि उन्होंने कम समय में अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से इसकी खेती शुरू की थी. अब न सिर्फ अच्छी कमाई हो रही है, बल्कि अन्य फसलों को भी भरपूर समय देने का मौका मिल रहा है.
खेकड़ा कस्बे के किसान राजेश कुमार पिछले 15 साल से चकई की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि यह फसल महज 90 दिनों में तैयार हो जाती है और इसमें नुकसान की संभावना बेहद कम होती है. चकई की फसल वातावरण के अनुसार तेजी से बढ़ती है, इसमें कीटों का प्रकोप भी कम होता है और पानी की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती. खास बात यह है कि इसकी पैदावार सीमित होने के कारण स्थानीय बाजारों में इसकी मांग काफी ज्यादा बनी रहती है.