खतरों से खेलने वाली ‘टाइगर वुमन’! अयोध्या की खुशबू ने रचा इतिहास, अब तक 17 तेंदुओं का कर चुकी हैं रेस्क्यू

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खतरों से खेलने वाली ‘टाइगर वुमन’! अयोध्या की खुशबू ने रचा इतिहास, अब तक 17 तेंदुओं का कर चुकी हैं रेस्क्यू


मेरठ: जीवन में अगर हम अपने लक्ष्य को तय कर लें, तो उसे पाने के लिए मेहनत करना भी जरूरी होता है. जब हम पूरी लगन और समर्पण से उस लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाते हैं, तो मंज़िल जरूर मिलती है. ऐसी ही मिसाल उत्तर प्रदेश की खुशबू उपाध्याय ने पेश की है. वह आज वन विभाग में क्षेत्रीय अधिकारी के पद पर तैनात हैं और अपने काम से कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं.

खुशबू उपाध्याय वर्तमान में मेरठ के हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र में क्षेत्रीय वन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. लेकिन इससे पहले वह एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर चुकी हैं. दरअसल, वह उत्तर प्रदेश की पहली महिला अधिकारी हैं, जिन्हें अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में क्षेत्राधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था.

इंटेलिजेंस ब्यूरो से लेकर टाइगर रिजर्व तक का सफर
खुशबू उपाध्याय ने लोकल18 से बातचीत में बताया कि वह अयोध्या की रहने वाली हैं और पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो में असिस्टेंट सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर (जेआर-1) के रूप में कार्य कर चुकी हैं. साल 2017 में उन्होंने UPPSC की परीक्षा दी और साल 2021 में वन विभाग में जॉइनिंग मिली.

उनकी पहली पोस्टिंग अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में हुई थी, जो उनके लिए बेहद खास रही. उन्होंने बताया कि रिजर्व क्षेत्र में लेपर्ड, भालू, हाथी, हिरण और दलदली हिरण जैसे दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं. उन्होंने खुद अब तक 17 तेंदुओं का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है, जो उनकी कार्यकुशलता का बड़ा उदाहरण है.

बचपन से था पर्यावरण से प्रेम
खुशबू बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही प्रकृति और पर्यावरण से बहुत लगाव रहा है. यही वजह है कि जब उन्होंने UPPSC क्लियर किया, तो वन अधिकारी की भूमिका उन्हें सबसे उपयुक्त लगी. उन्होंने बताया कि जंगल में रहकर काम करना उनके लिए केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक अनुभव और आनंद है.

खुशबू कहती हैं, “अब तक कभी किसी जानवर ने हमला नहीं किया. लगता है जैसे वो हमें समझते हैं कि हम उनकी मदद के लिए आए हैं.”

युवाओं को दिया संदेश
खुशबू का मानना है कि अगर कोई युवा अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट है और उसी पर फोकस करते हुए मेहनत करता है, तो उसे कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा, “जो भी युवा पर्यावरण, जंगल या किसी भी क्षेत्र में काम करना चाहता है, वह दिल से मेहनत करे और अपने विषय पर फोकस रखे.”

खुशबू उपाध्याय जैसे अधिकारी यह साबित करते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और दिशा साफ हो, तो हर मंज़िल आसान हो जाती है. वह न केवल एक अफसर हैं, बल्कि उन सैकड़ों लड़कियों के लिए प्रेरणा भी हैं, जो अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं.



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