गाजियाबाद की मिठास का नाम बना जुगल बेकर्स, 50 साल से शहर की खास पहचान

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गाजियाबाद की मिठास का नाम बना जुगल बेकर्स, 50 साल से शहर की खास पहचान


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गाजियाबाद में जुगल बेकर्स नाम से एक फेमस बेकरी का दुकान है. यह बेकरी का दुकान 50 सालों से है. यहां केक की शुरुआत 500 रुपये प्रति किलो से होती है. चॉकलेट ट्रफल, फ्रूट केक, रेड वेलवेट, पाइनएप्पल और ब्लैक फॉरेस…और पढ़ें

गाजियाबाद में अच्छे केक की जब भी बात होती है, तो कुछ नाम अपने आप जेहन में आ जाते हैं. उन्हीं में से एक नाम  जुगल बेकर्स है.पिछले 50 सालों से यह बेकरी शहर की पहचान बनी हुई है. एक दौर था जब लोग बिस्किट, ब्रेड और केक के लिए अलग-अलग दुकानों पर जाते थे. लेकिन जुगल बेकर्स ने यह सब एक ही छत के नीचे ला दिया. अब हालात यह हैं कि गाजियाबाद का कोई खास मौका हो या आम दिन, जुगल बेकर्स की मिठास जरूर उसमें शामिल होती है.

शहर के पुराने हिस्से से शुरू हुआ यह कारोबार अब एक ब्रांड बन चुका है. जुगल बेकर्स सिर्फ एक दुकान नहीं रही, बल्कि यह अब गाजियाबाद के हर घर का हिस्सा बन गई है. बच्चों के बर्थडे से लेकर त्योहारों तक और स्कूल की ब्रेकफास्ट टेबल से लेकर ऑफिस की चाय ब्रेक तक जुगल बेकर्स के उत्पादों की मांग हर जगह है.

500 रुपये प्रति किलो मिलता है केक
बेकरी में सबसे ज़्यादा पसंद किया जाने वाला उत्पाद है. केक की शुरुआत 500 रुपये प्रति किलो से होती है. इसमें वेरायटी इतनी कि हर स्वाद और हर बजट का ख्याल रखा गया है. चॉकलेट ट्रफल, फ्रूट केक, रेड वेलवेट, पाइनएप्पल और ब्लैक फॉरेस्ट जैसे फ्लेवर बड़ी आसानी से मिल जाते हैं. खास बात यह भी है कि केक ऑर्डर पर भी बनाए जाते हैं.

500 लोगों को मिला हुआ है रोजगार
ब्रेड, बिस्किट और बन के अलावा अब जुगल बेकर्स अपने ग्राहकों को पेस्ट्री, कुकीज़ और नमकीन स्नैक्स भी उपलब्ध करवा रहे हैं. यह बदलाव समय के साथ हुए हैं. लेकिन गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया गया है.शायद यही वजह है कि जुगल बेकर्स का माल सिर्फ गाजियाबाद में ही नहीं बल्कि आसपास के शहरों और कस्बों में भी भेजा जाता है.यहां करीब 500 लोगों को रोजगार मिला हुआ है. इनमें कारीगर, पैकिंग स्टाफ, क्वालिटी चेक टीम, और डिलीवरी यूनिट तक सब शामिल हैं. ये फैक्ट्री शहर के कई कंफेक्शनरी दुकानों की जरूरतों को पूरा करती है.

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