अहमदाबाद प्लेन क्रैश – कौन था असली गुनहगार?
( हादसा था या साजिश )?
12 जून 2025 दोपहर के ठीक 1:30 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोडिंग बेस से बाहर निकलती है। अब वैसे तो इसे दोपहर के 1:10 पर ही लंदन के लिए उड़ान भर लेनी चाहिए थी। लेकिन उस दिन यह फ्लाइट लेट थी।
यहां इस्तेमाल किया जा रहा था। बोइंग का 787 ड्रीम लाइनर हवाई जहाज और तो और इस दिन यह इस प्लेन की पहली फ्लाइट भी नहीं थी। इससे पहले यह प्लेन पेरिस से दिल्ली आया था। और फिर सुबह इसने दिल्ली से अहमदाबाद की फ्लाइट ली।
आकाश वत्सा कौन थे ?उन्होंने क्या बताया?
इसी प्लेन के उसे दिन की पहली फ्लाइट जो दिल्ली से अहमदाबाद आई थी। उसमें मौजूद एक पैसेंजर जो कि इस फ्लाइट में बैठा था आकाश वत्स जिन्होंने एक बड़ी ही अजीब चीज नोटिस करी इन्होंने देखा कि प्लेन के बिंग फ्लैप्स लगातार ऊपर नीचे हो रहे हैं। और प्लेन का AC भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। बाद में इन्होंने इस चीज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया। इनका कहना था सिर्फ AC ही नहीं प्लेन का एंटरटेनमेंट सिस्टम रिमोट कंट्रोल कुछ भी ढंग से काम नहीं कर रहा था। लेकिन आखिरकार 11:16 पर या फ्लाइट अहमदाबाद में सेफ्टी से लैंड कर जाती है।
करीब 12:20 पर इस प्लान की रिफ्यूलिंग करी जाती है। और इग्जैक्टली 42 मिनट का समय लगा इस प्लान में फ्यूल भरने में जो की यूजूयल से थोड़ा सा ज्यादा था। आमतौर पर 30 से 35 मिनट लगना चाहिए। जब फ्यूल भर रहा था तब पैसेंजर प्लेन में चढ़ रहे थे।एक्ग्जैक्टली 242 लोग इस प्लेन में चढ़ते हैं। 230 पैसेंजर 10 क्रू मेंबर और 2 पायलेट्स।
कौन थे प्लान के पायलेट्स
प्लेन में 2 पायलट मौजूद थे। जिनहोने प्लेन की कमान संभाले हुए थे। “कैप्टन सुमित सबरवाल”जिनके पास 8200 घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था। इनके साथ थे को पायलट “क्लाइव कुंदर” जिनके पास 1100 घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था।
यह दोनों पायलट थे इस एयर इंडिया की फ्लाइट में।
किस तरह हुआ था प्लेन क्रैश
12 जून दोपहर के 1:31 पर यह प्लेन एक्टिव रनवे की तरफ जाना शुरु करता है। 1:34 पर अहमदाबाद के एयर ट्रैफिक सर्विसेज से इसे टेक ऑफ की परमिशन मिल जाती है। और ठीक 1:38 मिनिट और 24 सेकंड पर इसके सारे प्रीचेक फ्लाइट चेक पूरे हो जाते हैं। टेक ऑफ करने से ठीक पहले किसी भी तरह की कोई वार्निंग नहीं थी। रनवे चेंज ट्रस्ट मॉडिफिकेशन और फ्लैप एडजस्टमेंट की कोई भी रिक्वेस्ट नहीं आई थी। वेदर भी ठीक था और विजिबिलिटी भी अच्छी टेंपरेचर थोड़ा ज्यादा था। लेकिन ऑपरेशनल लिमिट के अंदर था यह प्लान रनवे नंबर 23 पर जाकर अपनी पोजीशन ले लेता है । 1:38 और 44 वे सेकंड पर या प्लेन रनवे नंबर 23 से टेक ऑफ कर जाता है।
यह एयरपोर्ट पर एक ही रनवे है। और यह एयरपोर्ट चारों तरफ से आवासीय क्षेत्र से गिरा हुआ है। इसी के आसपास के घरों में रह रहा था। एक 17 साल का लड़का आर्यन जो अपने दोस्तों को दिखाना चाहता था। कि प्लेन कैसे उड़ता है। और उसने एक वीडियो शूट करी जिसमें आया कि प्लेन का लैंडिंग गियर ऊपर नहीं आया था। 1:38 मिनट 55 सेकंड पर प्लेन हवा में 625 फीट की हाइट पर पहुंचता है । लेकिन इससे ऊपर नहीं जाता कुछ ही सेकेंड्स बाद पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को कॉल करके कहता है।
(Thrust not achieved falling Mayday, Mayday, Mayday,)
इसके बाद प्लेन का ATC से कनेक्ट टूट जाता है। और ATC फिर से कनेक्ट करने की कोशिश करता है। उधर से कोई जवाब नहीं मिलता 1:39 मिनिट 13 सेकंड पर प्लेन नीचे गिरने लगता है। और सिर्फ 34 सेकंड टेक ऑफ करने के सिर्फ 34 सेकंड बाद यह प्लेन एयरपोर्ट से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर रेजिडेंशियल एरिया मेघवानी नगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के एक हॉस्टल में जाकर क्रैश कर जाता है। और इस हॉस्टल में आग लग जाती है।
प्लेन क्रैश में कितने लोगों ने जान गवाई
हादसे का संक्षिप्त विवरण
एयर इंडिया फ्लाइट AI – 171 एक बोइंग 787 ड्रीम लाइनर को अहमदाबाद से लंदन गेटविक जाना था। इसमें 230 यात्री और 12 चालक दल सदस्य सवार थे। टेकऑफ के तुरंत बाद विमान ने पावर खो दी, और गिरते शहर के पास स्थित एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की इमारत से जा कर टकरा गया।
और मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में मौजूद 19 छात्रों की जान चली गई।
विवरण :–
| श्रेणी | संख्या |
| विमान में मौजूद लोग | 242(230 यात्री) |
| विमान में मौतें | 241 |
| जमीन पर मौतें | 19 |
| बचने वाला | बचाने वाला इकलौता व्यक्ति 1– (विश्वश कुमार रमेश ) |
| कुल मौते | 260 |
फ्लाइट पर सवार 242 लोग में से 230 यात्री और 12 चालक दल के लोग सभी 1 मिनट के अंदर जलकर राख हो गए जिसमें से बचा एक ब्रिटिश भारतीय यात्री विश्वश कुमार रमेश बचे और 241 लोग फ्लाइट के और 19 लोग मेडिकल कॉलेज के टोटल 260 की जान जान चली गई।
“फ्लाइट मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से जा कर टकरा गई थी । जिससे 19 लोगों की और जान चली गई । कुल मिलकर 260 नागरिक की जान गई ।”
प्लेन क्रैश का मुख्य कारण
विमान के क्रैश होने की एक प्रमुख वजह तकनीकी खराबी है। कई बार देखने को मिला है कि विमान का इंजन फेल हो जाता है। नेविगेशन सिस्टम में खराबी हो जाती है या लैंडिंग गियर का विंग में गड़बड़ी हो जाती है। जिसके वजह से विमान क्रैश हो जाता है।
रिर्पोट के अनुसार ।
12 जुलाई को इंडिया में प्रकाशित जांच की एक प्रारंभिक रिपोर्ट में पाया गया की उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद ईंधन नियंत्रण स्विच अचानक कट ऑफ स्थिति में चले गए
जिससे इंजन का ईंधन खत्म हो गया और पूरी तरह से बिजली बंद हो गई यह वैसे हुआ क्यों है। या परिस्थितियों अभी भी स्पष्ट नहीं है।
“प्लेन क्रैश का मुख्य कारण दोनों इंजनों का बंद होना था”
निष्कर्ष
अहमदाबाद विमान हादसे से काफी घरों में मातम छा गया और 260 घरों के चिराग बुझ गए अहमदाबाद विमान हादसे में कोई भी साजिश नहीं रचाई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार इसका असली गुनहगार भी किसी को नहीं जताया जा सकता विमान में जो तकनीकी प्रॉब्लम आई उसका जिम्मेदार कोई नहीं हो सकता ।
क्योंकि अभी रिपोर्ट बिल्कुल खड़ा साबित नहीं हुआ अभी जांच चल रही है जहां तक सूत्रों के अनुसार पता चला है ।कि स्विच कट ऑफ हो गया। जिससे इंजन बंद हो गया विमान अपना पावर को देता है। और जाकर एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा जाता है और क्रैश हो जाते हैं। जिससे मौजूद हॉस्टल के छात्र की मौत हो जाती है। जो अपना सपना साकार करने में लगे थे। उनकी जिंदगी एक सपने में तकदीर हो जाती है।