शराब की बोतल में छुपी हुई काली सच्चाई जो कोई नहीं जानता ।
हाईलाइट
- शराब पीने के हानिकारक प्रभाव।
- शराब पीने से कितने प्रकार की बीमारियां आती है।
- शराब की वजह से एक्सीडेंट में वृद्धि।
- शराब की बिक्री में वृद्धि।
शराब देशभर में इतनी तेजी से मनुष्य को शिकार बना रही है। और शराब पीने वाले मनुष्य के आदत इस कदर लग जाती है, कि वह बिना शराब के रह नहीं सकते। परंतु यह जानते हुए की शराब मनुष्य के शरीर के लिए कितना दुर्लभ हो सकता है। शराब पीने से मनुष्य के अंदर होने वाली बीमारियां और हानिकारक प्रभाव बहुत अधिक है।
शराब पीने के हानिकारक प्रभाव
1.शारीरिक स्वास्थ्य पर असर:
लिवर डैमेज-शराब लीवर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचती है। जिससे लिवर सिरोसिस या फैटी लीवर जैसी बीमारियां हो सकती है।
दिल की बीमारी-लगातार शराब पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
पाचन तंत्र पर असर-पेट की परत को नुकसान पहुंचा कर ग्रैस्ट्रिक अल्सर और एसिडिटी जैसी समस्याएं पैदा करता है।
2.मानसिक स्वास्थ्य पर असर:
डिप्रेशन और एंग्जायटी – शराब शुरुआत में तनाव कम करती है। लेकिन बाद में अवसाद और चिंता बढ़ा देती है।
नींद की समस्या- शराब पीने से आपकी नींद भी खराब होती है। जिससे दिमागी संतुलन बिगड़ जाता है।
3.व्यवहार और सामाजिक असर:
गुस्सा और हिंसा- नशे की हालत में लोग अकर्मक हो सकते हैं। जिससे घरेलू हिंसा दुर्घटना या झगड़ा हो सकते हैं।
संबंध खराब होना- परिवार दोस्तों और समाज में विश्वास और सम्मान खत्म हो सकता है।
4.नशे की लत और भविष्य पर असर:
लत लगना -शराबी एक नशे की लत बन सकती है। जिससे छुटकारा पाना बहुत मुश्किल हो सकता है।
कैरियर और पढ़ाई प्रभावित –नशा इंसान को आलसी लापरवाह और गैर जिम्मेदार बना देती है।
“शुरुआत में शराब मजा देती है, लेकिन शराब धीरे-धीरे इंसान को अंदर से खोखला कर देती है।”
शराब पीने से कितने प्रकार की बीमारियां आती है
शराब पीने से शरीर के लगभग हर हिस्से पर बुरा असर पड़ता है। और यह कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। नीचे शराब पीने से होने वाली बीमारियों की सूची दी गई है।
1-मस्तिष्क और मानसिक रोग
- याददाश्त कमजोर होना।
- डिप्रेशन और एंजायटी।
- नींद ना आना। (Insomnia)
- सोचने समझने की क्षमता कम होना।
- मिर्गी के दौरे
2-हृदय संबंधी बीमारियां
- हाई ब्लड प्रेशर। (BP)
- स्ट्रोक( लकवा )
- दिल की धड़कन अनियमित होना (Arrhythmia)
- दिल का दौरा (heart attack’)
3-लिवर की बीमारियां (liver Diseases)
- फैटी लीवर
- हेपेटाइटिस
- सिरोसिस (लीवर का सिकुड़ना)
- लिवर फेल होना
4-पाचन तंत्र की समस्याए
- पेट में अल्सर
- पैनक्रियाटाइटिस
- अपच,गैस,कब्ज
- भूख कम लगना
5-कैंसर के खतरे
शराब पीने से निम्न प्रकार के कैंसर के खतरे बढ़ जाता है।
- मुंह गला और अन्ननालिका का कैंसर
- लिवर कैंसर
- स्तन कैंसर (महिलाएं में)
- पेट और आंत का कैंसर
“इसी तरह के कई प्रकार की बीमारी शराब पीने वालों के साथ हो सकती है। इन सभी तरह की बीमारियां का खतरा बढ़ जाता है। यहां तक कि मनुष्य शराब पीने से शारीरिक रूप से दुर्बल हो सकता है। वह समय के पहले बूढ़े होने लगते हैं। क्योंकि शराब में अल्कोहल की मात्रा अधिक होती है। वह मनुष्य को अंदर से कमजोर कर देती है।”
शराब की वजह से एक्सीडेंट में वृद्धि
शराब पीने से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि होती है। और यह एक प्रमुख कारण है। जिसके कारण लोग घायल होते हैं और मरते हैं सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 2 लाख सड़क दुर्घटनाएं हर साल होती है। और उसमें से 75% का कारण शराब पीकर गाड़ी चलाना है। शराब पीने से ना केवल सड़क दुर्घटनाएं होती है। बल्कि घर और कार्य स्थल पर भी दुर्घटनाएं और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने से होने वाले कुछ प्रमुख परिणाम:-
सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि-
शराब पीकर गाड़ी चलाने से प्रतिक्रिया समय कम हो जाता है। निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है, और शारीरिक समन्वय बिगड़ जाता है। जिससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है।
मृत्यु और चोंटे-
शराब पीकर गाड़ी चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं में अक्सर गंभीर छोटे या मौत होती है।
अन्य दुर्घटनाएं-
शराब पीने से घर या कार्य स्थल पर भी दुर्घटनाएं हो सकती है। जैसे कि फिसलने गिरना या आग लगाना।
वित्तीय लागत-
शराब पीकर गाड़ी चलाने से होने वाली दुर्घटनाएं में चिकित्सा बिल खोई हुई मजदूरी और संपत्ति की क्षति जैसे वित्तीय लगता भी आती है।
सामाजिक प्रभाव-
शराब पीकर गाड़ी चलाने से न केवल व्यक्तिगत रूप से नुकसान होता है। बल्कि यह समाज के लिए ही एक बड़ी समस्या है क्योंकि यह कानून और व्यवस्था को प्रभावित करता है और समुदाय में डर पैदा करता है।
“शराब पीकर गाड़ी चलाना एक गंभीर अपराध है, और इसके परिणाम बहुत विनाशकारी हो सकते हैं इसलिए या महत्वपूर्ण है। कि लोग शराब पीकर गाड़ी चलाना बंद करें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोके।”
शराब की बिक्री में वृद्धि
भारत में शराब की बिक्री में पिछले कुछ वर्षों से लगातार वृद्धि देखी गई है। और पिछले वित्तीय वर्ष में भारतीय ने लगभग 350 करोड़ लीटर शराब खरीदी या पिछले कुछ वर्षों में सबसे अधिक बिक्री है। और 2019 से 2020 में वित्त वर्ष की तुलना से लगभग 12% अधिक है।
विभिन्न राज्यों में शराब की बिक्री:-
- पश्चिमी राज्यों में बिक्री में 32% की वृद्धि देखी गई है। इसके बाद पूर्वी राज्यों में 22% उत्तरी राज्यों में 16% और दक्षिणी राज्यों में 9% की वृद्धि हुई।
- उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 3 अरब रुपए की शराब की बिक्री होती है। और यह प्रतिदिन की बताई जा रही है। या प्रतिदिन के हिसाब से बहुत अधिक है। 3 अरब रुपए।
- दिल्ली NCR में नए साल के मौके पर 400 करोड रुपए की शराब बिकि।
- कर्नाटक में 308 करोड रुपए की शराब बिकी और तेलंगाना में 402 करोड रुपए की शराब बिकी।
- गोवा में 59 .1% लोग शराब पीते हैं।
- झारखंड में 40.4% लोग शराब पीते हैं।
- छत्तीसगढ़ में 35.9% लोग शराब पीते हैं।
अन्य जानकारी:-
- भारतीय शराब उद्योग के 2025 में 41.56 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2034 तक 60.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने की उम्मीद है।
- भारतीय शराब बाजार में सीएजीआर (विकास दर ) लगभग 5.8 % रहने की उम्मीद है।
- व्हिस्की भारत में सबसे पसंदीदा स्पिरिट है। जो इसे मादक पेय पदार्थ के बाजार में प्रमुख श्रेणी कहलाती है।
शराब से सरकार की कमाई
शराब की बिक्री से सरकार को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होता है। जिसे आबकारी शुल्क कहा जाता है, यह शुल्क राज्य सरकारों के लिए आय का एक प्रमुख स्रोत है। और विभिन्न विकास परियोजना जैसे की सड़क स्वास्थ्य और शिक्षा में उपयोग किया जाता है।
शराब से सरकार की कमाई का विवरण:-
आबकारी शुल्क-
सरकार शराब की बिक्री पर कर लगती है। जिसे आबकारी शुल्क कहा जाता है।
राजस्व का स्रोत-
यह कर राज्य सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत है।
विकास कार्यों में उपयोग-
इस राजस्व का उपयोग विभिन्न विकास कार्यों जैसे की सड़क स्वास्थ्य और शिक्षा में किया जाता है।
विभिन्न राज्य में भिन्नता-
शराब पर लगने वाले कर की दरें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती है।
उदाहरण=
- उत्तर प्रदेश सरकार ने 2024 से 2025 में शराब की बिक्री से 52,297 करोड रुपए का आबकारी राजस्व अर्जित किया।
- दिल्ली सरकार ने 2024 से 2025 में आबकारी राजस्व से लगभग 7,766 करोड रुपए कमाए।
- 2020 से 2021 में सरकार ने आबकारी शुल्क से लगभग 1 लाख 70 हज़ार करोड रुपए कमाए थे।
शराब पर लगने वाली कर की दरें:-
- शराब के बोतल पर 35% से 50% तक कर लगाया जा सकता है।
- बियर पर 5% से 6.5% अल्कोहल वाली बीएफ पर 16 रुपए प्रति बल्क की लीटर टैक्स है।
“कुल मिलाकर शराब की बिक्री से सरकार को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होता है। जिसका उपयोग विभिन्न विकास कार्य में किया जाता है।”
निष्कर्ष:-
शराब पीना भारतीय नागरिकों में एक जटिल मुद्दा बन चुका है
जिसका हल निकालना आम जनता के लिए शायद से काफी मुश्किल है। शराब मनुष्य को अंदर से कमजोर और बीमार कर दे रहा है। शराब पीना तो गुनाह है ही परंतु शराब पीकर वाहन चलाना यह एक बड़ी समस्या है। इस पर सरकार को और कड़ी कानून लगाना चाहिए, शराब पीकर गाड़ी वाहन मोटर चालकों पर कड़ा नियम लगाना चाहिए। वह अपने साथ-साथ अपने परिवार और अन्य मनुष्य और जनता की जान खतरे में डाल रहे हैं। शराब पर सरकार को कुछ फैसला लेना ही आवश्यक है। नहीं तो यह बढ़ता रहेगा और दुर्घटनाएं होती रहेगी।