Agriculture: 1 बीघे में सिर्फ 10 हजार खर्च, लाखों का मुनाफा! टमाटर की खेती करने का सही समय और तरीका जानिए
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Tomato Farming Tips: टमाटर की खेती किसानों के लिए लाखों की कमाई का जरिया बन सकती है. सितंबर-अक्टूबर में नर्सरी तैयार कर दिसंबर-जनवरी से फसल मिलने लगती है. टमाटर की खेती दो तरीकों से की जाती है- झालर विधि और बौना टाइप. झालर विधि से बार-बार फसल मिलती है, जबकि बौना टाइप में एक बार ही फल निकलते हैं. इस खबर में हम जानेंगे कि आप कैसे एक अच्छी नर्सरी तैयार कर सकते हैं.
नर्सरी कब और कैसे करें तैयार
टमाटर की खेती शुरू करने से पहले किसान सितंबर माह में नर्सरी तैयार करें. अक्टूबर तक पौधों को खेतों में ट्रांसप्लांट कर देना चाहिए. करीब 30 से 35 दिनों में नर्सरी तैयार हो जाती है और पौधे लगाने लायक बन जाते हैं. कृषि अधिकारियों का कहना है कि इस समय नर्सरी बनाने से पौधे ठंड से सुरक्षित रहते हैं और मजबूत भी बनते हैं.
टमाटर की रोपाई करने के लिए समतल और अच्छी मिट्टी जरूरी है. किसान खेत की तीन से चार बार जुताई करें और मिट्टी को भुरभुरी बना लें. अंतिम जुताई के दौरान गोबर की खाद जरूर डालें. गोबर खाद खेत की मिट्टी की गुणवत्ता सुधारती है और फसल की पैदावार बढ़ाती है.
कम लागत में ज्यादा मुनाफा
अगर किसान एक बीघे खेत में टमाटर की खेती करते हैं तो इसमें 10 से 12 हजार रुपये तक का खर्च आता है. वहीं अगर फसल अच्छी तैयार हो जाए तो एक बीघे से लाखों रुपये तक की कमाई हो सकती है. यही वजह है कि टमाटर की खेती लागत कम और मुनाफा ज्यादा देने वाली खेती मानी जाती है.
सितंबर महीने में किसान टमाटर की खेती दो तरीकों से कर सकते हैं. पहला तरीका है झालर विधि, जिसे इंटर्मिनेट भी कहा जाता है. इस विधि में पौधे लगातार फूल और फल देते रहते हैं. एक बार तोड़ाई करने के बाद फिर से फसल आती है और किसान कई बार तोड़ाई कर सकता है.
कृषि अधिकारी की सलाह
कृषि अधिकारी भगवती प्रसाद मौर्य का कहना है कि सितंबर माह में नर्सरी तैयार करने से पौधे ठंड से सुरक्षित रहते हैं और नुकसान से बचते हैं. उन्होंने बताया कि झालर विधि से खेती करने पर किसान बार-बार फल ले सकता है, जबकि बौना टाइप खेती में केवल एक बार ही फल निकलते हैं और उसके बाद फसल खत्म हो जाती है. इसलिए किसान अगर समय पर नर्सरी तैयार करें और सही विधि अपनाएं तो उन्हें लाखों रुपये तक का फायदा हो सकता है.

पिछले 5 साल से मीडिया में सक्रिय, वर्तमान में News18 हिंदी में कार्यरत. डिजिटल और प्रिंट मीडिया दोनों का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें लिखना और पढ़ना पसंद है.
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