Agriculture Tips: पढ़ाई के साथ खेती का कमाल, गोंडा के किसान ने मक्के की खेती से की कमाई
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गोंडा के एक युवा किसान ने पढ़ाई के साथ खेती कर सफलता की नई मिसाल पेश की है. आधुनिक तकनीक और जैविक खाद की मदद से मक्के की खेती कर वह कम लागत में अच्छी पैदावार ले रहे हैं और लाखों की कमाई की उम्मीद कर रहे हैं.
गोंडा. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक युवा किसान ने यह साबित कर दिया है कि अगर मेहनत और सही सोच हो, तो पढ़ाई के साथ-साथ खेती करके भी अच्छी कमाई की जा सकती है. यह युवक अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए मक्के की खेती कर रहा है और आज लाखों रुपये की आमदनी कर रहा है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान प्रगतिशील किसान शिवांश मिश्रा बताते हैं कि वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं. पढ़ाई के साथ-साथ व खेती किसानी कर रहे हैं और खेती किसानी में इस समय एक बीघा मक्के की खेती कर रहे हैं. शिवांश मिश्रा का कहना है कि पहले वह पारंपरिक खेती करता था, जिसमें ज्यादा मुनाफा नहीं हो पाता था. लेकिन उसने नई तकनीक और उन्नत बीजों के बारे में जानकारी जुटाई और मक्के की खेती शुरू करने का फैसला लिया. शुरुआत में उसे थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे अनुभव बढ़ता गया और उत्पादन भी बेहतर होने लगा.
कहां से मिला आइडिया
शिवांश मिश्रा बताते हैं कि पहले वह पारंपरिक तरीके से धान गेहूं की खेती करते थे, फिर एक दिन वह अपने मित्र के यहां घूमने गए थे और अपने मित्र के खेत में देखा कि मक्के की फसल बहुत अच्छी लगी है. फिर उन्होंने अपने मित्र से मक्के की खेती के बारे में चर्चा की और उसके बाद काफी रिसर्च करने के बाद उन्होंने शुरू में थोड़े जमीन में मक्के की शुरुआत की और इस समय वह लगभग एक से डेढ़ बीघा में मक्के की खेती कर रहे हैं. फिर मक्के की खेती के लिए उसने वैज्ञानिक तरीके अपनाए. समय पर बुवाई, सही खाद और सिंचाई का ध्यान रखा. साथ ही, कीटों से बचाव के लिए भी उचित उपाय किए, इसका नतीजा यह हुआ कि उसकी फसल अच्छी हुई और बाजार में उसे अच्छा दाम मिला.
कौन से खाद का करते हैं प्रयोग
शिवांश मिश्रा बताते हैं कि हम अपने मक्के की खेत में रासायनिक खाद का प्रयोग ना के बराबर करते हैं और हम अपने खेत में जैविक खाद का प्रयोग करते हैं, जैसे वर्मीकंपोस्ट और गोबर की खाद का इस्तेमाल करते हैं. इससे हमारे मक्के की डिमांड काफी ज्यादा रहती है और लोग हमारे खेत से ही इसको खरीद लेते हैं क्योंकि हम जैविक तरीके से मक्के की खेती करते हैं इसीलिए उसको लोग ज्यादा खरीदना पसंद करते हैं. शिवांश मिश्रा बताते हैं कि हम मक्के की खेती लाइन टू लाइन विदिशा कर रहे हैं. इस विधि में सबसे ज्यादा फायदा या होता है की हवा से मक्का गिरने की संभावना कम हो जाती है. शिवांश मिश्रा बताते हैं कि एक से डेढ़ बीघा मक्के की खेती में लगभग 5 से 6 हजार रुपए की लागत लगी है. उन्होंने बताया कि इस बार अच्छी इनकम होने की उम्मीद है उन्होंने बताया की फसल काफी अच्छी लगी हुई है तो मार्केट का रेट अच्छा रहा तो लाखों के इनकम होने की उम्मीद है. शिवांश मिश्रा बताते हैं कि पढ़ाई के साथ खेती को संतुलित तरीके से कर रहे हैं. वह सुबह और शाम खेत में काम करता है, और बाकी समय अपनी पढ़ाई पर ध्यान देता है. उसका कहना है कि अगर समय का सही उपयोग किया जाए, तो दोनों काम आसानी से किए जा सकते हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें