Amethi News: अमेठी की इस शिक्षिका ने बदल दी सरकारी स्कूल की तस्वीर! आज प्राइवेट स्कूलों को भी दे रहा टक्कर

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Amethi News: अमेठी की इस शिक्षिका ने बदल दी सरकारी स्कूल की तस्वीर! आज प्राइवेट स्कूलों को भी दे रहा टक्कर


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Amethi Latest News: अमेठी के माधोपुर प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका किरन सिंह ने सरकारी स्कूल की तस्वीर पूरी तरह बदलकर उसे हाईटेक और प्राइवेट स्कूल के बराबर बना दिया है. जहां तीन खास एनसेल के जरिए बच्चों को आधुनिक और किताबी शिक्षा के साथ-साथ वैज्ञानिक और व्यावहारिक गतिविधियों का मौका दिया जा रहा है.

अमेठी: पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों में उड़ान होती है. मंजिले उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है. कुछ ऐसी ही कहानी है अमेठी के माधोपुर प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका किरन सिंह की. जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से स्कूल की तस्वीर ही बदल कर रख दी.

किरन सिंह ने जब 2016 में विद्यालय में कार्यभार संभाला, तब स्कूल काफी जर्जर स्थिति में था. परंतु उनकी मेहनत और प्रयासों से आज यह विद्यालय हाईटेक और आधुनिक सुविधाओं वाला बन चुका है. आज इस विद्यालय में 192 से अधिक बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और यह प्राइवेट स्कूल को भी टक्कर दे रहा है. विद्यालय में खास तरीके से एनसेल की स्थापना की गई है, जिसके जरिए पढ़ाई के अलावा अलग-अलग गतिविधियां भी कराई जाती हैं.

3 खास एनसेल के जरिए बच्चों का विकास
प्रधानाध्यापिका किरन सिंह ने विद्यालय में तीन खास एनसेल बनाए हैं. पहला है नामांकन सेल, जिसमें अभिभावकों के साथ जनप्रतिनिधियों को जोड़ा गया. इसमें छोटे से लेकर बड़े सभी जनप्रतिनिधि शामिल हुए. दूसरा है निपुण सेल, जहां बच्चों की मॉनिटरिंग की जाती है और कमजोर छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ाई में मदद दी जाती है. तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण है नवोदय सेल, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अच्छे हाईटेक स्कूलों में बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाता है.

इन तीनों एनसेल के माध्यम से बच्चों को न केवल किताबी ज्ञान दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें आधुनिक और वैज्ञानिक गतिविधियों में भी शामिल किया जा रहा है. इसका परिणाम यह है कि दर्जनों बच्चे अब अच्छे स्कूलों में पढ़ाई कर अपने भविष्य को संवार रहे हैं.

विद्यालय में मौजूद आधुनिक सुविधाएं
विद्यालय में हाईटेक पुस्तकालय, प्रोजेक्टर, बच्चों के लिए अलग-अलग शौचालय, दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हैं. समय-समय पर बच्चे विभिन्न प्रोजेक्ट बनाते हैं, जिन्हें जनपद और मंडल स्तर पर भी प्रस्तुत किया जा चुका है.

लोकल 18 की टीम ने जब उनकी सफलता के बारे में उनसे बात की, तो उन्होंने बताया कि संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने स्वयं कक्ष निर्माण कराया और बच्चों को आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ वैज्ञानिक गतिविधियों में भी शामिल किया. उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों का भविष्य होते हैं और हमारी जिम्मेदारी बच्चों को बेहतर शिक्षा देना है. किरन सिंह के इस प्रयास के परिणामस्वरूप विद्यालय ने उच्च स्तर की पहचान बनाई है और उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में बच्चों को और भी उच्च स्तरीय और हाईटेक सुविधाओं से जोड़कर उनका विकास जारी रखा जाएगा, ताकि वे अपने हुनर और क्षमता के अनुसार समाज में अपना नाम और पहचान बना सकें.

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Seema Nath

पिछले 5 साल से मीडिया में सक्रिय, वर्तमान में News18 हिंदी में कार्यरत. डिजिटल और प्रिंट मीडिया दोनों का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें लिखना और पढ़ना पसंद है.

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अमेठी की इस शिक्षिका ने अपनी लगन से बदल दी सरकारी स्कूल की तस्वीर!



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