Farming Tips: भिंडी की फसल में नहीं आ रहे फूल? अपनाएं ये देसी तरीके, सब्जियों से लद जाएगा पौधा

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Farming Tips: भिंडी की फसल में नहीं आ रहे फूल? अपनाएं ये देसी तरीके, सब्जियों से लद जाएगा पौधा


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Ladyfinger Farming Tips: अगर आपकी भिंडी की फसल में फूल नहीं आ रहे हैं तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. कुछ आसान और देसी उपाय अपनाकर आप अपनी फसल को हरी-भरी बना सकते है. सही पोषण, सिंचाई और देखभाल से भिंडी का पेड़ ढेर सारी सब्ज़ियों से लद जाएगा और आपकी कमाई भी बढ़ जाएगी.

भिंडी

वैसे भिंडी एक ऐसी सब्जी है. जिसकी खेती साल भर की जा सकती है. यह एक नाजुक फसल है. जिसमें कीड़े और बीमारियों का खतरा अधिक रहता है. किसान भिंडी की फसल से अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते है. इसके लिए उर्वरकों का सही इस्तेमाल आवश्यक है. उचित उर्वरक प्रबंधन से न केवल फसल की गुणवत्ता बढ़ती है, बल्कि उत्पादन भी बेहतर होता है. किसानों को फसल की विशेष देखभाल के अलावा अच्छी पैदावार लेने के लिए कुछ ऐसे उपाय है. जिनकी मदद अच्छी उपज प्राप्त कर सकते है.

भिंडी

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया जिले में हरी सब्जियो की खेती किसान बड़े पैमाने पर करते है और इस खेती उन्हें अच्छा मुनाफा भी होता है. पर कभी कभी भिंडी की खेती तो अच्छी होती है.  इनमें फशल बेहद कम आती है. जिससे किसानों को लागत भी निकाल पाना भी मुश्किल हो जाता है. वहीं किसान अगर भिंडी की फसल में सही खाद और उर्वरक का इस्तेमाल करते हैं तो भिंडी के पौधे में अच्छे फशल तो आयेगी साथ ही पैदावार भी अधिक होगी.

भिंडी

भिंडी की खेती गर्मी और बरसात दोनों मौसम में की जाती है, इसलिये जल निकासी वाली दोमट मिट्टी का चयन करें. सबसे पहले खेत में गहरी जुताई का काम कर लें. दो-तीन जुताई के बाद मिट्टी को पाटा लगाकर समतल कर लें. इसके बाद खेत में गोबर की कंपोस्ट खाद डालकर मिट्टी को पोषण प्रदान करें.

भिंडी

भिंडी की बुआई के समय उन्नत किस्म के बीजों का चयन करें और बीजोपचार कर लें. बुवाई के समय लाइन से लाइन की दूरी कम से कम 40 से 45 सेमी. तक रखें. अगर खेत उपजाऊ और सिंचित है तो एक हैक्टेयर भूमि के लिये 2.5 से 3 किग्रा. बीजदर और असिंचित भूमि में 5 से 7 किग्रा बीजों के साथ बुवाई सीधा खेतों में बोयें और हल्की सिंचाई कर दे.

भिंडी

पीला शिरा मोजेक रोग भिंडी में इस रोग से पत्तियों की शिराएं पीली और चितकबरी दिखाई देने लगती हैं. साथ ही इस रोग के लगने से फल भी छोटे होने लगते हैं. भिंडी की फसल में खतरनाक बीमारी सफेद मक्खी से फैलता है. इससे उत्पादन पर भी काफी असर पड़ता है.

भिंडी

भिंडी के पौधों में पोषक तत्वों की कमी या मिट्टी के असंतुलन से फूल झड़ने लगते हैं. इसमें जरूरी पोषक तत्व देकर पौधों को मजबूत बना सकते है. ऐसा करने से उत्पादन में बढ़ोतरी तो होगी ही, साथ में आप पूरे सीजन ताजी भिंडियों की सब्जी खा सकते है.

भिंडी

भिड़ी का अधिक उत्पादन के लिये जरूरी है कि फसल और मिट्टी को समय पर पोषण प्रदान किया जाये. भिंडी की फसल में पोषण प्रबंधन करने के लिये एक हैक्टेयर खेत में 15-20 टन गोबर की खाद और 80 किग्रा. नाइट्रोजन के साथ 60 किग्रा. पोटाश को मिलाकर खेत में डालें. ध्यान रखें कि नाइट्रोजन की आधी मात्रा बुवाई से पहले और आधी मात्रा 40 दिन बाद खेतों में डालनी चाहिये. इससे भिंडी की पैदावार ज्यादा होती है.

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भिंडी की फसल में नहीं आ रहे फूल?अपनाएं ये देसी तरीके,सब्जियों से लद जाएगा पेड़



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