JEE में पहली बार चूके, दूसरी बार मारी बाजी, प्लानिंग ऐसे IIT में हुए सेलेक्ट

0
JEE में पहली बार चूके, दूसरी बार मारी बाजी, प्लानिंग ऐसे IIT में हुए सेलेक्ट


Last Updated:

JEE Success Story: कहा जाता है कि असफलता के बाद हार नहीं माननी चाहिए. दिव्यांशु ने दूसरी कोशिश में सही रणनीति और मेहनत से JEE पास कर IIT मंडी में प्रवेश पाया.

JEE IIT Success Story: जेईई को ऐसे क्रैक करके पहुंचे IIT

हाइलाइट्स

  • छोटी-सी जिज्ञासा से शुरू हुआ था ये सपना
  • सिर्फ किताबें नहीं, सोच भी बदली
  • तब जाकर मिली IIT की सीट

JEE Success Story: कहा जाता है कि अगर आप किसी भी काम में असफल होते हैं, तो निराश होने के बजाय पूरी एनर्जी के साथ फिर से मेहनत और सही स्ट्रेटजी के जरिए उस काम में लगना चाहिए. इससे सफलता मिलनी तय है. ऐसे ही दिव्यांशु (Divyanshu) ने दूसरी बार में जेईई की परीक्षा को पास करके आईआईटी में एडमिशन पाने में कामयाब रहे हैं. वह अभी IIT Mandi से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं.

बायोलॉजी के प्रति प्रेम लेकिन अपना इंजीनियरिंग

जेईई में शानदार उपलब्धि हासिल करने वाले दिव्यांशु उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने कानपुर से ही कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की हैं. इसके बाद लखनऊ से कक्षा 12वीं की हैं. बचपन से ही बायोलॉजी उनका पसंदीदा विषय रहा है. उनके पिता एक वेटेनेरियन हैं. उनके काम को देखकर बायोलॉजी के प्रति उनकी रुचि विकसित हुई. लेकिन बाद में वह JEE की तैयारी शुरू की, तब उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों को भी जाना और समझा. यहीं से बायोलॉजी और कम्प्यूटेशन को जोड़ने का क्षेत्र यानी बायोइंजीनियरिंग का उनका रास्ता खुला

जेईई की तैयारी: एक साल का संघर्ष और सीख

पहली बार दिव्यांशु वर्ष 2021 में JEE मेन और एडवांस दिया, लेकिन उन्हें मनचाहा परिणाम नहीं मिला. फिर उन्होंने एक साल ड्रॉप लिया और वर्ष 2022 में दोबारा परीक्षा दी. इस दौरान उन्होंने पूरी तरह से आत्मनिर्भर होकर ऑनलाइन संसाधनों, किताबों और मॉक टेस्ट की मदद से पढ़ाई की. यह समय आसान नहीं था उन्होंने त्योहार, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना छोड़ दिया. लेकिन आज जब वह पीछे देखते हैं, तो मानते हैं कि संतुलन बहुत ज़रूरी है. सिर्फ सफलता की दौड़ में शामिल होना काफी नहीं, यात्रा का आनंद भी उतना ही जरूरी है.

रिसर्च की ओर बढ़ते कदम

भविष्य में दिव्यांशु कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, जीनोमिक्स या न्यूरोसाइंस जैसे क्षेत्रों में हायर स्टडी करना चाहते हैं. वह चाहते हैं कि उनकी पढ़ाई किसी ऐसी दिशा में जाए जिससे वह साइंस और समाज दोनों में सकारात्मक योगदान दे सकें. आईआईटी मंडी की यह यात्रा उनके लिए केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि आत्म-खोज, दोस्ती और जीवन के अहम सबक सीखने का भी जरिया रही है.

authorimg

Munna Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव. दूरदर्शन, ज़ी मीडिया और News18 के साथ काम किया है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन दिल्ली से की, बाद में ज़ी मीडिया से जुड़े और वर्तमान में News18 Hin…और पढ़ें

पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव. दूरदर्शन, ज़ी मीडिया और News18 के साथ काम किया है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन दिल्ली से की, बाद में ज़ी मीडिया से जुड़े और वर्तमान में News18 Hin… और पढ़ें

homecareer

JEE में पहली बार चूके, दूसरी बार मारी बाजी, प्लानिंग ऐसे IIT में हुए सेलेक्ट



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *