Kanpur News: आई लव मुहम्मद’ बैनर विवाद: FIR पर दरगाह आला हजरत का विरोध, पुलिस ने दी सफाई

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Kanpur News: आई लव मुहम्मद’ बैनर विवाद: FIR पर दरगाह आला हजरत का विरोध, पुलिस ने दी सफाई


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Kanpur News: ‘आई लव मुहम्मद’ बैनर विवाद ने कानपुर में धार्मिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है. दरगाह आला हजरत का विरोध और पुलिस की सफाई, दोनों ही पक्षों की दलीलें सामने आने के बाद अब लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह मामला वास्तव में धार्मिक अभिव्यक्ति से जुड़ा है या फिर परंपरागत नियमों के उल्लंघन से. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं,

आई लव यू मोहम्‍मद विवाद पर बातचीत करती पुलिस
कानपुर. उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे बैनर लगाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. हिंदू संगठनों के विरोध और पुलिस कार्रवाई के बाद दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन मैदान में आ गए हैं. जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मियां) ने पुलिस की कार्रवाई को भारतीय संविधान के मूल अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है. वहीं, पुलिस का कहना है कि मामला आस्था से नहीं बल्कि परंपरागत स्थान से हटकर टेंट और बैनर लगाने तथा झगड़े के दौरान बैनर फाड़ने से जुड़ा है.

बैनर लगाने से मचा हंगामा

घटना थाना रावतपुर क्षेत्र के सैयद नगर मोहल्ले की है. यहां बारावफात का परंपरागत जुलूस निकलना था. इसी दौरान कुछ लोगों ने परंपरागत स्थान से हटकर एक टेंट लगाया और उस पर ‘आई लव मुहम्मद’ लिखा बैनर टांग दिया. इस पर एक पक्ष ने विरोध किया और मामला बढ़ गया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन वहां भी टकराव की स्थिति बनी रही.

दोनों पक्षों में सहमति के बाद हल

विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कराई. समझौते के बाद तय हुआ कि बैनर और टेंट परंपरागत स्थान पर ही लगाया जाएगा. इसके बाद ‘आई लव मुहम्मद’ बैनर परंपरागत स्थान पर शांति से लगा दिया गया. पुलिस के मुताबिक विवाद बैनर की सामग्री को लेकर नहीं, बल्कि परंपरागत रूट से हटकर नई जगह पर टेंट लगाने को लेकर था.

दरगाह आला हजरत का विरोध

दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफ़ा ने इस पूरे प्रकरण पर नाराज़गी जताई है. फरमान मियां ने कहा कि ‘आई लव मुहम्मद’ लिखना किसी भी हालत में अपराध नहीं है. यह केवल व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक प्रेम की अभिव्यक्ति है. इसे रोकना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) यानी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 25 यानी धार्मिक स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना वजह निर्दोष युवकों को निशाना बनाया.

पुलिस की सफाई

पुलिस ने साफ किया है कि एफआईआर बैनर पर लिखे शब्दों की वजह से नहीं दर्ज हुई है. बल्कि यह मामला परंपरागत स्थान से हटकर नई जगह पर टेंट लगाने और जुलूस के दौरान दूसरे पक्ष द्वारा बैनर फाड़ने को लेकर दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि जांच सीसीटीवी फुटेज और मौके की स्थिति के आधार पर हुई है. वहीं, लोगों से अपील की गई है कि इस विवाद को धार्मिक रंग न दिया जाए और किसी भी प्रकार की भ्रांति न फैलाई जाए.

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