Kawad Yatra : ऐसी बहू सबको मिले…सास को पालकी पर बैठाकर निकली, भावुक कर देगी इस बहुरिया की कहानी
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Kawad Yatra 2025 : इस दृश्य को जिसने भी देखा, अपने कैमरे में कैद कर लिया. लोग बोले- ऐसा पहले न कभी देखा, न सुना. इस बेटी ने कांवड़ यात्रा को सेवा, समर्पण और संस्कार की यात्रा में बदल दिया है.
सास को पालकी पर बैठाकर निकली बहू.
जिसने देखा भावुक
इस नजारे ने हर किसी को भावुक कर दिया. राहगीर, श्रद्धालु और स्थानीय लोगों ने यह देखकर बहू की सराहना करते दिखे. सास की इस अनोखी सेवा करने वाली बहू अंजलि ने बताया, ‘मां-बाप का दर्जा भगवान से भी बड़ा होता है. जो लोग अपने माता-पिता की सेवा नहीं कर सकते, भगवान भी उनसे प्रसन्न नहीं होते. सेवा ही सच्ची भक्ति है. अंजली ने बताया कि उनकी सास की इच्छा थी कि वह भी एक बार कांवड़ यात्रा करें, लेकिन चलने में असमर्थ हैं. इसलिए उन्होंने संकल्प लिया कि वह अपनी सास को कांवड़ में बैठाकर यह पुण्य यात्रा पूरी करेंगी.
सिर्फ कांवड़ यात्रा कहां
पति बलवान ने भी अपनी पत्नी अंजलि की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जब लोग अपने बुजुर्गों को बोझ समझते हैं, ऐसे में उनकी पत्नी ने जो कदम उठाया है वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है. आज भी ऐसे कई लोग हैं जो तन, मन और धन से अपने माता-पिता की सेवा कर रहे हैं. उनकी पत्नी अंजलि ने जो किया वह सच में दुर्लभ है. सहारनपुर पहुंचने पर लोगों ने अंजलि और बलवान का जोरदार स्वागत किया. हर कोई इस जोड़ी की सराहना कर रहा है. कई श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को अपने कैमरे में कैद किया और कहा कि यह यात्रा सिर्फ कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और संस्कार की यात्रा बन गई है.