Lucknow: बड़े इमामबाड़े में नमाज के बाद प्रदर्शन! LDA पर अवैध कब्जे का आरोप
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Lucknow News: राजधानी लखनऊ के बड़े इमामबाड़े में शुक्रवार की जुमा नमाज के बाद जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. यह प्रदर्शन इमामबाड़े परिसर में स्थित आसिफी मस्जिद और हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीनों पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में किया गया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रस्ट की जमीन पर बिना उचित जानकारी और सहमति के काम शुरू किया गया है, जिसे लेकर समुदाय लगातार विरोध जता रहा है.
लखनऊ बड़ा इमामबाड़ा में प्रोटेस्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को बड़े इमामबाड़े में नमाज-ए-जुमा के बाद जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. यह प्रदर्शन इमामबाड़े परिसर में स्थित आसिफी मस्जिद और हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीनों पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में किया गया. प्रदर्शन का नेतृत्व मौलाना कल्ब जवाद नकवी ने किया, जिसमें शिया समुदाय के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारी रूमी गेट तक मार्च करते हुए पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई.
बताया जा रहा है कि हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीनों पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की ओर से कथित तौर पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किए जाने को लेकर समुदाय में नाराजगी है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रस्ट की जमीन पर बिना उचित जानकारी और सहमति के काम शुरू किया गया है, जिसे लेकर समुदाय लगातार विरोध जता रहा है.
बादशाहों की संपत्ति
धरने को संबोधित करते हुए मौलाना कल्ब जवाद नकवी ने कहा कि यह जमीन ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है और बादशाहों की संपत्ति रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीए ने बिना किसी पूर्व सूचना के यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया, जो पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर अब पांच लोगों का एक ट्रस्ट बनाया जाएगा, जो पूरे मामले में कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करेगा.
भारी पुलिस बल तैनात
विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे, ताकि किसी भी तरह की घटना से बचा जा सके. इस विरोध मार्च में मौलाना सैफ अब्बास, मौलाना कल्बे सिब्तैन नूरी सहित शिया समुदाय के कई प्रमुख धर्मगुरु और विभिन्न अंजुमनों के सदस्य मौजूद रहे.
शर्तों और मांगों के आधार पर ही बातचीत
इस बीच, शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि रविवार को समुदाय की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि समुदाय प्रशासन के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा, बल्कि अपनी शर्तों और मांगों के आधार पर ही बातचीत करेगा.
वहीं मौलाना सैफ अब्बास ने यह भी बताया कि ‘लजीज गली’ निर्माण को लेकर एक आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी गई थी. आरटीआई के जवाब में संबंधित संस्था की ओर से अनुमति दिए जाने की बात सामने आई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है, जिससे समुदाय में असंतोष और बढ़ा है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.