Lucknow News: अखिलेश यादव का फेसबुक अकाउंट सस्पेंड, सपा नेताओं का फूटा गुस्सा- बोले, ‘सरकार के इशारों पर काम कर रही मेटा’
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Facebook page deactivated: अखिलेश यादव का फेसबुक पेज बंद होने के मामले ने न सिर्फ सपा कार्यकर्ताओं में बल्कि पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है. जहां सपा इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं मेटा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. समर्थक उम्मीद कर रहे हैं कि अखिलेश यादव का पेज जल्द ही फिर से सक्रिय हो जाएगा.
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आधिकारिक फेसबुक पेज शनिवार को अचानक सस्पेंड हो गया. करीब 86 लाख फॉलोअर्स वाले इस पेज के बंद होते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी फैल गई. सपा नेताओं ने मेटा पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है और पेज को तुरंत बहाल करने की मांग की है.
सपा प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने जताया विरोध
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने फेसबुक पोस्ट लिखकर अपने गुस्से का इजहार किया. उन्होंने लिखा कि “भारत की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जो समाजवाद, न्याय और लोकतंत्र के सबसे बड़े पैरोकार हैं, उनका फेसबुक पेज डिएक्टिवेट करना यह दर्शाता है कि स्वतंत्र अभिव्यक्ति के प्रति मेटा और मेटा इंडिया की प्रतिबद्धता अब सरकारों के हाथों गुलाम हो चुकी है.” उन्होंने मेटा से अपील की कि अखिलेश यादव का फेसबुक पेज तत्काल सक्रिय किया जाए. मनोज सिंह ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई से जनता के बीच नेता की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है.
बिना नोटिस क्यों बंद किया पेज? प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के दूसरे प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने भी मेटा से कड़े शब्दों में सवाल किए. उन्होंने कहा कि “लाखों फॉलोवर वाले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का अकाउंट आखिर क्यों बंद किया गया? क्या यह किसी दबाव में लिया गया फैसला है?” उन्होंने आगे पूछा कि बिना कोई नोटिस या पूर्व सूचना दिए फेसबुक पेज को सस्पेंड करना लोकतांत्रिक और तकनीकी दोनों दृष्टि से अनुचित है. उदयवीर सिंह ने कहा कि यदि यह तकनीकी गलती है तो तुरंत सुधार किया जाना चाहिए, अन्यथा यह एक बड़ा डिजिटल सेंसरशिप का उदाहरण है.
जनप्रिय नेता को जनता के दिलों से दूर नहीं कर सकते : अतुल प्रधान
मेरठ के सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि “अखिलेश यादव का फेसबुक अकाउंट बंद करवाकर सरकार उन्हें जनता के दिलों से दूर नहीं कर सकती. अखिलेश यादव जनप्रिय और जननायक हैं, उनका संबंध जनता से किसी प्लेटफॉर्म का मोहताज नहीं है” अतुल प्रधान ने फेसबुक पर लिखा कि इस तरह की कार्रवाई केवल राजनीतिक असहिष्णुता का प्रमाण है और लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाने का प्रयास है.
फेसबुक पर ‘This Content Isn’t Available’ दिखा मैसेज, कारण अस्पष्ट
समाचार लिखे जाने तक अखिलेश यादव का फेसबुक पेज लगभग चार घंटे से बंद था. जब उपयोगकर्ताओं ने पेज खोजने का प्रयास किया तो फेसबुक पर संदेश दिखा कि “यह कॉन्टेंट अभी उपलब्ध नहीं है. आमतौर पर ऐसा तब होता है जब ओनर ने इसे हटा दिया हो, सीमित लोगों के साथ शेयर किया हो, या प्लेटफॉर्म ने इसे डिसेबल कर दिया हो.” फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि यह कोई तकनीकी समस्या है या पॉलिसी उल्लंघन का मामला. सपा की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन समर्थकों में असंतोष और चिंता दोनों दिख रही है.
राजनीतिक हलचल तेज, मेटा पर सवालों की बौछार
अखिलेश यादव का पेज सस्पेंड होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है. सपा नेताओं और समर्थकों ने #RestoreAkhileshYadavPage जैसे हैशटैग ट्रेंड कराना शुरू कर दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला केवल तकनीकी नहीं बल्कि डिजिटल स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़ा है.