Mau News : मऊ बना फर्जी शिक्षकों का गढ़… पहले गई 64 की नौकरी, अब 48 टीचरों पर लटकी तलवार
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Mau News : मऊ में फर्जी शिक्षकों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. जहां साल 2020 में फर्जीवाड़े के बाद 64 शिक्षकों की नौकरी जा चुकी है और अब 48 और शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है, जिससे शिक्षा विभाग में …और पढ़ें
मऊ में 48 फर्जी शिक्षकों पर एफआईआर दर्जप्राप्त सूचना के अनुसार जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि मिश्रा ने जाली दस्तावेजों के आधार फर्जी तरीके से नौकरी करनेवाले 42 शिक्षकों सहित 72 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है. इस कथित फर्जीवाड़े में फतेहपुर मंडाव, घोसी के तत्कालीन बीएसए-एबीएसए और मोहम्मदाबाद गोहना के तत्कालीन बीईओ शामिल हैं. मऊ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी.
गौरतलब है कि समाज कल्याण विभाग मऊ जिले के एडेड एवं स्कूलों की जांच कर रहा था. उसी दौरान इस धांधली का खुलासा हुआ. जांच में पता चला कि इन स्कूलों में 42 शिक्षक जाली दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रहे हैं. इस संबंध में मऊ के एसपी इलामारन ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी की तहरीर पर मऊ कोतवाली में 42 शिक्षकों समेत 72 लोगों पर केस दर्ज किया गया है.
मऊ में पहले भी हुआ है कांड
गौरतलब है कि मऊ में यह पहला मामला नहीं है जब फर्जी शिक्षक पकड़े गए हैं. साल 20220 में कस्तूरबा गांधी विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी का भंडाफोड़ होने से पहले मऊ जिले में 64 फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे. इन सभी लोगों ने न सिर्फ फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी ली बल्कि सरकार से करोड़ों रुपए वेतन भी लिया फिर गायब हो गए थे.