Mirzapur News : मिर्जापुर में डीरेल हुई मालगाड़ी, तीन वैगन पटरी से उतरे, आनन फानन में बुलाई गई रिलीफ ट्रेन
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Mirzapur News : चुनार के पास अचानक से तीन वैगन पटरी से उतर गए. कॉरिडोर होने से मुख्य लाइन पर रेल पर यातायात प्रभावित तो नहीं हुआ, लेकिन क्रॉसिंग के पास बोगी उतरने से भीषण जाम लग गया.
मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में डीएफसी (डेडिकेटेड फेट कॉरिडोर) से जा रही मालगाड़ी की तीन वैगन पटरी से उतर गए. मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद हड़कंप मच गया. सूचना के बाद मौके पर पहुंचे रेलवे की टीम बोगी को हटाकर राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है. शुक्रवार को डीएफसी कॉरिडोर के डाउन लाइन पर खाली मालगाड़ी जा रही थी. चुनार के पास पहुंचने पर अचानक से तीन वैगन पटरी से उतर गए. हालांकि, डीएफसी कॉरिडोर होने की वजह से मुख्य लाइन पर रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ. क्रॉसिंग के पास बोगी उतरने से मिर्जापुर-चुनार वाया वाराणसी मार्ग पर भीषण जाम लग गया. आवागमन रुकने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई.
अब क्या होगा आगे
मिर्जापुर जिले के चुनार रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार की शाम में डीएफसी कॉरिडोर के डाउन लाइन पर 118 वैगन की मालगाड़ी भटिंडा से चोपन जा रही थी. चुनार के यार्ड में प्रवेश के दौरान मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए. पटरी से उतरने के बाद डीएफसी कॉरिडोर पर रेल यातायात रुक गया. स्टेशन मास्टर की सूचना के बाद मौके पर प्रयागराज और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से एआरटी (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) पहुंच गई. जहां मालगाड़ी के वैगन को हटाकर आवागमन शुरू कराने में जुट गई. बोगी के पटरी पर आने के बाद पुनः आवागमन सुचारू रूप से हो सकेगा.
कारणों की होगी जांच
रेलवे स्टेशन के बाद मालगाड़ी डीरेल होने के बाद चुनार रेलवे फाटक बंद हो गया. फाटक बंद होने के बाद चुनार-वाराणसी मार्ग पर आवागमन रुक गया. दोनों तरफ कई किलोमीटर तक जाम लगा रहा. उत्तर मध्य रेलवे के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि चुनार रेलवे स्टेशन के यार्ड के पास मालगाड़ी की तीन वैगन पटरी से उतरी है. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर तीन वैगन के पटरी से उतरने के बाद एआरटी बचाव कार्य कर रही है. घटना की जांच कराई जाएगी और कारणों का पता लगाया जाएगा.
आठ साल से बन रहा कॉरिडोर
दिल्ली से हावड़ा रूट पर सामानांतर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे मालगाड़ी का आवागमन होता है. फिलहाल अभी काम चल ही रहा है और इसका लोकार्पण नहीं हुआ है. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनने के बाद माल की सप्लाई में वृद्धि होगी. एक जगह से दूसरे जगह तक समयबद्ध तरीके से माल पहुंचाया जा सकेगा. यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी. ये काम करीब 8 साल से अधिक समय से चल रहा है.